“खाँसी से हार नहीं, ज़िंदगी से प्यार” – टीबी पर विजय की मिसाल

फ़ाज़िल्का, 23 अगस्त 2025 Fact Recorder

Punjab Desk : पंजाब सरकार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग और मास मीडिया विंग की जागरूकता मुहिम ने टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई में बड़ी जीत दर्ज की है। खुईखेड़ा ब्लॉक का एक परिवार, जिसके 10 सदस्य पिछले कुछ वर्षों में समय-समय पर टीबी से ग्रसित हुए थे, आज पूरी तरह स्वस्थ है।

बीमारी ने पूरे परिवार को घेरा

ब्लॉक खुईखेड़ा ज़िला फ़ाज़िल्का के गाँव हीरांवाली में रहने वाले इस परिवार के बच्चों से लेकर बुज़ुर्ग तक बारी-बारी लगातार खाँसी, बुखार और कमज़ोरी से परेशान थे। शुरुआत में लोग इलाज को लेकर हिचकिचा रहे थे और गाँव में चर्चा होने लगी कि यह बीमारी गंभीर और लाइलाज है।

मास मीडिया विंग ने बदली सोच

इसी बीच पंजाब सरकार के मास मीडिया विंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाँव में 100 दिन टीबी मुक्त जागरूकता अभियान चलाया। पोस्टर, रेडियो संदेश, नुक्कड़ सभाएँ और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर समझाने से परिवार का डर टूटा। उन्हें बताया गया कि टीबी का इलाज व जाँच पूरी तरह मुफ्त है और समय पर दवा लेने से बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

मुफ्त दवा और पोषण सहयोग

गोपी राम ने बताया कि परिवार के सभी 10 सदस्यों जिसमे उनके लड़के, लड़की, पत्नी सहित सभी का सरकारी अस्पताल में पंजीकरण हुआ। उन्हें लगातार 6 महीने तक मुफ़्त टीबी की दवा दी गई। साथ ही “निक्षय पोषण योजना” के तहत पोषण भत्ता भी दिया गया, जिससे मरीजों को पौष्टिक आहार मिलता रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम हर सप्ताह उनकी स्थिति पर नज़र रखती रही।

नतीजा – परिवार हुआ टीबी मुक्त

लगातार देखरेख और इलाज से आज इस परिवार के सभी 10 सदस्य पूरी तरह स्वस्थ हैं। परिवार ने खुशी जताते हुए कहा –
“अगर सरकार और स्वास्थ्य विभाग मास मीडिया विंग की जागरूकता न होती तो शायद हम समय पर इलाज न करवा पाते। अब हम सब बिल्कुल ठीक हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं।” उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार, एसएमओ डॉ. रोहित गोयल, जिला टीबी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीलू , मास मीडिया विंग से सुशील कुमार, आशा वर्कर कमलजीत कौर, सुनीता, आशा फ़ेस्लीटेटर सीमा, एएनएम रीटा रानी, एसटीएस ज्योति का आभार जताया।

अधिकारियों का बयान

सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ने कहा –
“पंजाब सरकार का संकल्प है कि कोई भी व्यक्ति टीबी से पीड़ित होने के बावजूद जानकारी की कमी या आर्थिक परेशानी के कारण इलाज से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग और मास मीडिया विंग की टीम लगातार गाँव-गाँव जाकर जागरूकता फैला रही है।”

सहायक सिविल सर्जन व सीएचसी खुईखेड़ा के एसएमओ डॉ. रोहित गोयल ने बताया –
“टीबी अब मौत की बीमारी नहीं रही। ज़रूरी है कि लोग लक्षण दिखते ही जाँच करवाएँ और दवा बीच में न छोड़ें। यह परिवार इस बात की मिसाल है कि सही समय पर इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।”

सरकार का संकल्प

ब्लॉक मास मीडिया इंचार्ज सुशील कुमार ने कहा कि पंजाब सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2025 तक पंजाब को टीबी मुक्त राज्य बनाया जाएगा। खुईखेड़ा के इस परिवार की सफलता कहानी इस अभियान की बड़ी उपलब्धि है और समाज के लिए प्रेरणा है।