20 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: आजकल नॉन-स्टिक बर्तन हर घर की रसोई में आम हो गए हैं। कम तेल में स्वादिष्ट खाना बनाने और आसानी से साफ होने की वजह से ये लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं। लेकिन जितने फायदे इन बर्तनों के हैं, उतने ही नुकसान भी हैं।
नॉन-स्टिक बर्तनों में टेफ्लॉन (पॉलीटेट्राफ्लुओरोएथिलीन) की कोटिंग होती है, जो ज्यादा गर्म होने पर हानिकारक केमिकल छोड़ सकती है। कई शोधों और ICMR की गाइडलाइन में भी चेतावनी दी गई है कि लंबे समय तक नॉन-स्टिक बर्तन का इस्तेमाल स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। इनसे हार्मोनल असंतुलन, दिल से जुड़ी समस्याएं, इंफर्टिलिटी और शरीर में आयरन की कमी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नॉन-स्टिक बर्तन सबसे खतरनाक तब हो जाते हैं, जब उनकी परत खुरच जाती है। ऐसे में इनके छोटे-छोटे कण खाने में मिल जाते हैं, जिससे बुखार, बदन दर्द और इम्यून सिस्टम कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।
सावधानियां
हमेशा अच्छी क्वालिटी के नॉन-स्टिक बर्तन खरीदें।
खाना बनाते समय लकड़ी या सिलिकॉन की करछी का ही इस्तेमाल करें।
अगर बर्तन की कोटिंग खुरच गई है, तो तुरंत उसे बदल दें।
इसलिए अगर आप भी नॉन-स्टिक बर्तन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सतर्क रहें और इन नियमों का पालन करें, वरना सुविधा के साथ-साथ यह आपकी सेहत के लिए खतरा भी बन सकता है।













