पेट के बल सोते हैं? सावधान! बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा

पेट के बल सोते हैं? सावधान! बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा

06 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk: पेट के बल सोना पड़ सकता है सेहत पर भारी, बढ़ सकता है इन बीमारियों का खतरा — जानें सही सोने का तरीका
नींद अच्छी सेहत की कुंजी मानी जाती है, लेकिन यह सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कितनी देर सोते हैं, बल्कि इस पर भी कि आप किस पोस्चर में सोते हैं। कई लोगों को पेट के बल सोना आरामदायक लगता है, मगर विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत लंबे समय में शरीर पर गंभीर असर डाल सकती है।
कभी-कभार पेट के बल लेटना नुकसानदायक नहीं होता — इससे खर्राटे और स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं कुछ हद तक कम हो सकती हैं। लेकिन अगर यह आपकी रोजमर्रा की सोने की आदत बन जाए, तो यह गर्दन, रीढ़ और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकती है।

गर्दन और रीढ़ की हड्डी को नुकसान
पेट के बल सोने से सबसे ज्यादा नुकसान गर्दन और रीढ़ की हड्डी को होता है। इस स्थिति में गर्दन लंबे समय तक एक तरफ मुड़ी रहती है, जिससे नसों और मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है।
परिणामस्वरूप सुबह उठने पर गर्दन में अकड़न, दर्द, और क्रोनिक बैक पेन की शिकायत हो सकती है, क्योंकि रीढ़ अपनी प्राकृतिक स्थिति में नहीं रह पाती।

पाचन तंत्र पर दबाव
पेट के बल सोना आपके आंतरिक अंगों और पेट पर सीधा दबाव डालता है। इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है और एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
रात भर पेट पर दबाव रहने से भोजन पचने में दिक्कत होती है, जिससे गैस, जलन और बदहजमी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।

श्वास और हृदय पर असर
इस पोस्चर में सोने से फेफड़े पूरी तरह फैल नहीं पाते, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है।
यह स्थिति दिल पर तनाव बढ़ा सकती है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से सांस या हृदय संबंधी बीमारियां हैं।

सोने का सही तरीका क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीठ के बल सोना सबसे अच्छा पोस्चर माना जाता है, क्योंकि इसमें रीढ़ की हड्डी का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है।
अगर आपको पेट के बल सोने की आदत है, तो धीरे-धीरे साइड स्लीपिंग (करवट लेकर सोने) की आदत डालें। करवट लेकर सोते समय घुटनों के बीच एक तकिया लगाने से रीढ़ सीधी रहती है और शरीर को बेहतर सपोर्ट मिलता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। यदि आपको लगातार गर्दन, पीठ या नींद से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं, तो किसी चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।