दिल्ली हाई कोर्ट का अहम फैसला: Jr NTR की पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा

30 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Bollywood Desk:  साउथ सुपरस्टार नंदमुरी तारक रामा राव (Jr NTR) की पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। यह फैसला अभिनेता की याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने विभिन्न डिजिटल और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर उनकी पहचान, नाम और छवि के बिना अनुमति वाणिज्यिक दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Jr NTR की पहचान—जैसे “NTR”, “Jr NTR”, “NTR Jr.”, “तारक”, “नंदामुरी तारक रामा राव जूनियर”—और उनके लोकप्रिय उपनाम जैसे “यंग टाइगर” व “मैन ऑफ मासेज”, साथ ही उनकी तस्वीर, शक्ल-सूरत और संबंधित तत्वों का गैरकानूनी कमर्शियल इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कंटेंट को कानून के तहत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

सेलिब्रिटी स्टेटस को कोर्ट की मान्यता

हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि Jr NTR ने भारत में एक सेलिब्रिटी का दर्जा हासिल किया है और अपने करियर के दौरान व्यापक सद्भावना व प्रतिष्ठा अर्जित की है। कोर्ट ने कहा कि उनका नाम और पहचान जनता के मन में विशेष रूप से उनसे जुड़ी हुई है, जिससे उन्हें अपनी पर्सनैलिटी से जुड़े अधिकारों पर स्वामित्व मिलता है।

संवैधानिक और कानूनी आधार

अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा हैं। इन अधिकारों को कॉपीराइट एक्ट, 1957 और ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 के प्रावधानों के जरिए लागू किया जा सकता है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निर्देश

कोर्ट ने इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया कि वे सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के तहत ऐसी शिकायतों को वैध मानें और तय समय-सीमा में उल्लंघन करने वाले लिंक या कंटेंट पर कार्रवाई करें।

जॉन डो के खिलाफ भी सख्ती

अदालत ने अज्ञात और गुमनाम संस्थाओं (John Doe Defendants) के खिलाफ भी निर्देश जारी किए हैं। इसमें ऑनलाइन ट्रोल्स और अज्ञात अपराधियों को Jr NTR की पर्सनैलिटी का दुरुपयोग—चाहे वह मर्चेंडाइज, डिजिटल कंटेंट, मॉर्फ्ड इमेज, AI-जनरेटेड कंटेंट या किसी भी तकनीकी माध्यम से हो—से रोकने के आदेश शामिल हैं।

यह फैसला डिजिटल युग में सेलिब्रिटीज़ की पहचान और प्रतिष्ठा की सुरक्षा को मजबूत करता है और प्लेटफॉर्म्स व थर्ड पार्टीज़ की जिम्मेदारी तय करता है कि वे नाम, तस्वीर और पर्सनैलिटी का कानूनी व सम्मानजनक उपयोग सुनिश्चित करें।