पायलटों के रेस्ट नियमों पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, कहा– यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

29 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  दिल्ली हाईकोर्ट ने पायलटों के आराम (रेस्ट) नियमों में ढील दिए जाने पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पायलटों की थकान से जुड़े नियमों का उल्लंघन सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा है और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

यह टिप्पणी उस समय आई जब इंडिगो एयरलाइंस की हजारों उड़ानें रद्द होने के बाद DGCA ने पायलटों के साप्ताहिक रेस्ट नियमों में अस्थायी ढील दी थी। कोर्ट ने DGCA से सवाल किया कि जब नियम लागू हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं किया जा रहा।

हाईकोर्ट ने कहा कि संशोधित FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाए गए थे और जब तक इन्हें बदला या अदालत में चुनौती नहीं दी जाती, तब तक इनका सख्ती से पालन होना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि नियम लागू होते ही एयरलाइंस की व्यवस्थाएं चरमरा गईं और अकेले इंडिगो की 2500 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि, अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि जब छूट सभी एयरलाइंस को दी गई थी, तो कार्रवाई में केवल इंडिगो को ही क्यों घसीटा गया।

मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।