09 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: New Delhi। Delhi High Court ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) की अपील पर सुनवाई करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत कुल 23 आरोपियों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी पक्षों से मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही अदालत ने ट्रायल कोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई फिलहाल स्थगित करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
दरअसल, Central Bureau of Investigation ने Rouse Avenue Court के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें 27 फरवरी 2026 को विशेष न्यायाधीश Jitendra Singh की अदालत ने 598 पेज के आदेश में Arvind Kejriwal, Manish Sisodia समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि सीबीआई का मामला पूर्व नियोजित और बनावटी प्रतीत होता है तथा केवल बयानों के आधार पर केस बनाया गया है। साथ ही अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए थे, जिस पर अब हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने सीबीआई की ओर से दलील देते हुए कहा कि यह मामला गंभीर भ्रष्टाचार से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इस केस में आरोपियों द्वारा करीब 170 मोबाइल फोन नष्ट किए गए और कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के समय रिश्वत के लेन-देन के लिए निजी जेट तक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले के अहम गवाह दिनेश अरोड़ा के बयानों को ट्रायल कोर्ट ने सही तरीके से नहीं माना।
सीबीआई ने अपनी 974 पेज की याचिका में ट्रायल कोर्ट के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी बताया है। एजेंसी का कहना है कि अदालत ने कई महत्वपूर्ण सबूतों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया। यह मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे Aam Aadmi Party सरकार ने लागू किया था, लेकिन भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों के बीच जुलाई 2022 में इसे रद्द कर दिया गया था। मामले की सुनवाई Swarnkanta Sharma की एकल पीठ के समक्ष हुई।













