09 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
National Desk:दिल्ली में ओवरएज वाहनों पर राहत, अब 1 नवंबर से लागू होगी ईंधन पाबंदी – दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट और NGT तक ले जाएगी मामला
दिल्ली में ओवरएज वाहनों पर फिलहाल राहत मिल गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की मंगलवार को हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अब पुराने वाहनों पर ईंधन से जुड़ी पाबंदियां 1 नवंबर 2025 से लागू होंगी। यह नियम न सिर्फ दिल्ली, बल्कि एनसीआर के उन पांच जिलों में भी लागू होगा जहां वाहनों की संख्या ज्यादा है।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि CAQM से यह एक बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि अब सरकार को जरूरी व्यवस्थाएं करने का समय मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तक भी ले जाया जाएगा ताकि जनता के साथ हो रहे अन्याय को रोका जा सके।
सिरसा ने AAP सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 80 हजार ओवरएज कारें जब्त की गईं और उन्हें स्क्रैप घोषित कर कबाड़ियों को सौंप दिया गया, जबकि दिल्ली में कोई पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर मौजूद ही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्क्रैप यूनिट नहीं है, तो वे गाड़ियां आखिर गई कहां? सिरसा ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी और जांच के जरिए सामने लाया जाएगा कि इस पूरे प्रकरण के पीछे कौन-कौन से नेता शामिल थे।
वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह फैसला जनता की तकलीफ को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने न तो प्रदूषण को गंभीरता से लिया और न ही कोई नीति बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह मुद्दा CAQM के सामने आया और कोर्ट के निर्देश भी थे, तब दिल्ली सरकार ने जनता की परेशानियों को सामने रखा। उन्होंने इसे एक सकारात्मक और जनहित में लिया गया निर्णय बताया।
गौरतलब है कि एक जुलाई से दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर ओवरएज वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाई गई थी। दिल्ली सरकार की आपत्तियों के बाद CAQM ने अपने फैसले में बदलाव करते हुए इसे अब 1 नवंबर से लागू करने का निर्णय लिया है। यह पाबंदी दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के पांच अन्य जिलों में भी एक साथ लागू होगी।













