13 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: दिल्ली ब्लास्ट आतंकी साजिश साबित: मोदी कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव, NIA को सौंपी जांच
दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम ब्लास्ट को लेकर अब भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि यह एक आतंकी घटना थी। केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्र-विरोधी ताकतों की जघन्य और कायराना हरकत करार देते हुए कड़ी निंदा की है। सरकार ने दोहराया कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ पर कायम है।
🔹 मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस घटना पर प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में पीड़ितों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की गई और दो मिनट का मौन रखा गया। कैबिनेट ने निर्देश दिया कि इस आतंकी हमले की जांच पूरी तत्परता और पेशेवर ढंग से की जाए, ताकि अपराधियों और उनके मददगारों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जा सके।
🔹 सरकार ने जताई सख्त प्रतिबद्धता
कैबिनेट ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और स्थिति पर उच्चतम स्तर पर नज़र रखी जा रही है।
🔹 भूटान से लौटते ही एक्शन में पीएम मोदी
भूटान दौरे से लौटने के बाद पीएम मोदी सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे और ब्लास्ट में घायल लोगों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि घायलों का सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित किया जाए।
🔹 दिल्ली दहला देने वाला धमाका
10 नवंबर की शाम करीब 7 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी हुंडई i20 कार में जबरदस्त विस्फोट हुआ। धमाके में आसपास की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं, 8 लोगों की मौत और कई घायल हुए। यह धमाका इतनी तीव्रता वाला था कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
🔹 NIA को सौंपी गई जांच
गृह मंत्री अमित शाह ने घटना के तुरंत बाद NIA को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी। शाह ने दिल्ली पुलिस, IB, और सुरक्षा एजेंसियों के साथ दो हाई-लेवल मीटिंग की।
गृह मंत्रालय ने साफ किया कि इस मामले में UAPA, विस्फोटक अधिनियम और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
🔹 आतंक की तह तक जाएगी जांच
सरकार ने संकेत दिए हैं कि एजेंसियां जल्द ही साजिशकर्ताओं की पहचान कर कार्रवाई करेंगी। पीएम मोदी ने कहा था कि “देश के दुश्मनों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।”
संक्षेप में —
दिल्ली ब्लास्ट को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कैबिनेट ने इसे आतंकी हमला घोषित कर NIA को जांच सौंप दी है, ताकि दोषियों को जल्द न्याय मिल सके।













