12 January 2026 Fact Recorder
Health Desk: पंजाबी यूनिवर्सिटी के फार्मास्युटिकल साइंसेज और ड्रग रिसर्च विभाग ने धनिये के पत्तों से एनीमिया (खून की कमी) के इलाज के लिए प्रभावशाली दवा विकसित की है। इस शोध का नेतृत्व डॉ. कुलदीप सिंह ने किया और मार्गदर्शन डॉ. डिंपल सेठी ने दिया।
डॉ. डिंपल सेठी के अनुसार, धनिये में प्राकृतिक आयरन, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो रेड ब्लड सेल्स के निर्माण को तेज करते हैं। इस दवा के प्रयोग से सिर्फ 10 दिनों में हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ गया, जबकि पारंपरिक दवाओं में लगभग 28 दिन लगते हैं।
डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि यह दवा सुरक्षित, सस्ती और साइड-इफेक्ट से मुक्त है। यह शोध हर्बल और आधुनिक फार्मास्युटिकल विज्ञान के संयोजन से बेहतर परिणाम देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शोध की सामाजिक और वैज्ञानिक अहमियत:
बच्चों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के इलाज में नई उम्मीद।
भविष्य में विश्व स्तर पर प्राकृतिक और असरदार एनीमिया इलाज के लिए संभावनाएं।
वाइस-चांसलर डॉ. जगदीप सिंह ने शोधकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि कुदरती स्रोतों पर आधारित दवाओं का विकास आज की जरूरत है।
दवा की खासियत:
धनिये में उच्च मात्रा में आयरन और फोलिक एसिड।
केवल 10 दिनों में हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ाना संभव।
पारंपरिक दवाओं की तुलना में 3 गुना तेज़ परिणाम।
सुरक्षित, सस्ती और लगभग किसी भी साइड-इफेक्ट से मुक्त।













