13 March 2025: Fact Recorder
होली और रमजान के जुमे की नमाज के एक ही दिन पड़ने पर हिंदू-मुस्लिम विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इसके कारण कई विवादित बयान सामने आए हैं, जिनसे देशभर में बवाल मच गया। बयान देने वालों की निंदा की गई, माफी मांगी गई, और इन बयानों ने त्योहारों में खटास भर दी, जिससे उनका आनंद कम हो गया।
जब देश होली की तैयारियों में व्यस्त था, तो कुछ नेताओं के विवादित बयानें ने नफरत का माहौल पैदा कर दिया। देशभर में महाराष्ट्र से लेकर यूपी, बिहार और बंगाल तक नफरती बयान सामने आए, जो भाईचारे और सौहार्द पर चोट कर रहे थे।
बयानबाजी की शुरुआत
यह विवाद मुग़ल सम्राट औरंगजेब से जुड़ी बयानबाजी से शुरू हुआ था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर पलटवार किया, जिसके बाद संभल के सीओ अनुज चौधरी का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि जो मुस्लिम होली से परहेज करते हैं, वे अपने घरों में रहें। इसके बाद बिहार में भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने भी इसी तरह का बयान दिया।
तेजस्वी यादव ने हरिभूषण ठाकुर के बयान पर जवाब दिया और कहा, “एक मुस्लिम को बचाने के लिए पांच हिंदू आएंगे।” इसके अलावा यूपी से भाजपा की विधायक केतकी सिंह ने मेडिकल कॉलेजों में मुस्लिम छात्रों की एंट्री पर सवाल उठाया, वहीं दरभंगा की मेयर अंजुम आरा ने जुमे की नमाज के दौरान होली न मनाने की बात की, जिससे और भी विवाद बढ़ गया।
नफरत के बयान और माफी
दरभंगा की मेयर अंजुम आरा के बयान ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने उनपर हमला करते हुए कहा कि वे ‘आतंकी मानसिकता’ की महिला हैं। इसके बाद भाजपा सांसद गोपालजी ठाकुर ने इस बयान की निंदा की और कहा कि सनातन धर्म का अपमान बंद होना चाहिए। हालांकि, अंजुम आरा ने कुछ ही घंटों बाद माफी मांग ली, ताकि विवाद शांत हो सके।
होली और रमजान में बवाल
हिंदू-मुसलमान विवाद में ताजे बयान बिहार के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर और बंगाल भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से भी आए। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार आई तो वे मुस्लिम विधायकों को बाहर फेंक देंगे।
इस दौरान, देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक बयान दिया कि बिहार में माता सीता का मंदिर बनाएंगे, और उत्तर प्रदेश में मस्जिदों पर तिरपाल डाल दिए गए ताकि मस्जिदों पर गुलाल न लगे।
औरंगजेब विवाद से शुरू हुआ मामला
विवाद की शुरुआत 14 फरवरी को फिल्म ‘छावा’ के रिलीज से हुई थी, जिसमें औरंगजेब को एक क्रूर शासक के रूप में दिखाया गया था। इस पर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब को एक अच्छा शासक बताया, जिससे सियासी बवाल शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बयान का कड़ा जवाब दिया और कहा कि औरंगजेब को आदर्श मानने वालों का इलाज किया जाएगा।
नफरत के बाजार में बयानों की बाढ़
इन बयानों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 5 दिनों से हिंदू-मुसलमान के बीच नफरत को बढ़ावा देने वाले बयान लगातार सामने आ रहे हैं। यह विवाद होली के रंगों को फीका कर रहा है और भाईचारे में खटास डाल रहा है।












