15 January 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: अभियान का उद्देश्य: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत कूरियर सेवाओं के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना।
जांच का दायरा: हिमाचल प्रदेश के सभी पुलिस रेंज में एक साथ 433 कूरियर केंद्रों का ऑडिट और निरीक्षण किया गया।
सोलन – 43
किन्नौर – 13
सिरमौर – 31
बद्दी – 40
मंडी – 69
कुल्लू – 34
लाहौल-स्पीति – 1
हमीरपुर – 37
बिलासपुर – 23
कांगड़ा – 69
नूरपुर – 17
देहरा – 18
चंबा – 22
ऊना – 16
जांच प्रक्रिया:
पार्सल बुकिंग, भंडारण, परिवहन और डिलीवरी तक पूरी कार्य प्रणाली की समीक्षा।
सीसीटीवी कैमरों, कर्मचारियों की पहचान, रिकॉर्ड रखरखाव और SOPs की जांच।
संदिग्ध पार्सलों की गहन जांच।
कर्मचारियों को NDPS एक्ट और संबंधित कानूनों की जानकारी।
नतीजा और दिशा-निर्देश:
प्रक्रियागत कमियां मिलने पर सुधार के लिए निर्देश और समय सीमा जारी।
संभावित नशा तस्करी खतरों की जानकारी कूरियर संचालकों को दी गई।
सामाजिक संदेश:
राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना।
आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील: नशीले पदार्थों से जुड़ी जानकारी तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाना को दें।
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
निष्कर्ष:
हिमाचल पुलिस का यह विशेष अभियान नशा तस्करी पर रोक लगाने और राज्य को चिट्टा-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।













