बाल दिवस 2025: क्यों मनाया जाता है 14 नवंबर को, जानें इतिहास और महत्व

बाल दिवस 2025: क्यों मनाया जाता है 14 नवंबर को, जानें इतिहास और महत्व

13 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Lifestyle Desk: भारत में हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस (Children’s Day) बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। नेहरू जी को बच्चों से विशेष लगाव था, और बच्चे उन्हें स्नेहपूर्वक “चाचा नेहरू” कहकर पुकारते थे। उनके निधन के बाद, बच्चों के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।

बाल दिवस का उद्देश्य

बाल दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और उनके उज्जवल भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पंडित नेहरू का मानना था कि “आज के बच्चे, कल के भारत का भविष्य हैं।” इसलिए, उनकी शिक्षा, सेहत और खुशहाली पर ध्यान देना हर देशवासी का कर्तव्य है।

पहले कब मनाया जाता था बाल दिवस?

कम लोगों को पता है कि भारत में पहले 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था, जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित “विश्व बाल दिवस (Universal Children’s Day)” की तारीख है। लेकिन साल 1964 में नेहरू जी के निधन के बाद संसद ने प्रस्ताव पारित कर उनके जन्मदिन 14 नवंबर को राष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। तब से यह दिन बच्चों को समर्पित कर उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

स्कूलों में कैसे मनाया जाता है बाल दिवस?

इस दिन स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, डांस, भाषण और मेले आयोजित किए जाते हैं। कई जगह बच्चों को मिठाइयां, गिफ्ट और सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षकों द्वारा नाटक या डांस पेश किए जाते हैं, ताकि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सके।

बाल दिवस स्पीच के लिए आइडिया
  1. नेहरू जी का संदेश: बच्चे देश की नींव हैं, उन्हें शिक्षा और प्यार दें।

  2. समान अवसर की बात: हर बच्चे को सीखने और आगे बढ़ने का हक है।

  3. प्रेरक संदेश: चाचा नेहरू के सपनों का भारत बनाएं, जहां हर बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और खुशहाल हो।

बाल दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा का संकल्प दिवस है — ताकि हर बच्चा अपने सपनों की उड़ान भर सके।