फरीदकोट, 11 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: उपायुक्त फरीदकोट श्रीमती पूनमदीप कौर के निर्देशों के तहत, फसली अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को धान/बासमती की पराली को जलाने के बजाय गेहूं की बुवाई करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्य कृषि अधिकारी फरीदकोट डॉ. कुलवंत सिंह और सहायक मंडीकरण अधिकारी फरीदकोट डॉ. गुरप्रीत सिंह ने गांव बिशनंदी का दौरा किया और हैप्पी सीडर मशीन की सहायता से गेहूं की बुवाई करवाई।
इस अवसर पर डॉ. कुलवंत सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी फरीदकोट ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने और मिट्टी की सेहत को बनाए रखने के लिए पराली को जलाने के बजाय खेत में मिलाकर गेहूं या अन्य फसलों की बुवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह तरीका न केवल वायु प्रदूषण को रोकता है बल्कि भूमि की उर्वरता को भी बढ़ाता है।
डॉ. गुरप्रीत सिंह, सहायक मंडीकरण अधिकारी फरीदकोट ने किसानों से अपील की कि वे पराली को खेत में मिलाकर मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करें, क्योंकि पराली से मिट्टी को कई प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं जिससे खादों का खर्च भी कम होता है।
इस अवसर पर श्री रजत कुमार (क्लस्टर अधिकारी), श्री अमनप्रीत सिंह (सहायक क्लस्टर अधिकारी), श्री हरविंदर सिंह (नोडल अधिकारी, गांव बिशनंदी) और क्षेत्र के प्रगतिशील किसान भी उपस्थित थे।













