दादरी में झुग्गियो में रहने वाले लोग और सड़क किनारे बांधकर रखा सामान।
चरखी दादरी में झुग्गियों में रहने वाले सैकड़ों लोगों पर वर्षों से रह रहे स्थान से निकाले जाने का संकट मंडरा रहा है। प्रशासन द्वारा उनको झुग्गी खाली करने के लिए निर्देश भी दिए जा चुके हैं। जिसके बाद से ये लोग असमंजस में हैं कि ये जाए तो जाए कहा। झुग्गि
।

सड़क किनारे रखी चारपाई व दूसरा सामान।
खुद झुग्गियां खाली करना किया शुरू प्रशासन द्वारा मंगलवार को झुग्गियां खाली करवाने की पूरी तैयारी की जा चुकी थी। हालांकि प्रशासन द्वारा झुग्गियों को खाली करवाने की कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन यहां रहने वाले लोगों को जच गया है कि अब उन्हें ज्यादा दिन नहीं रहने दिया जाएगा जिसके चलते इन लोगों ने खुद ही झुग्गियां खाली करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन लोगों ने अपना सामान पैक कर लिया है और यहां से पलायन कर किसी दूसरे स्थान पर जाने की तैयारी में नजर आ रहे हैं। 40-50 सालों से रह रहे झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि वे यहां बीते 40-50 सालों से रहते आ रहे हैं। उन्होंने किसी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं किया गया है। उन्हें रहते इतने साल हो गए यहां एक ईंट तक नहीं लगाई है और ना ही वे किसी गैर कानूनि गतिविधियों में संलिप्त हैं। इसके बावजूद उन्हें यहां से अवैध कब्जा करने के नाम पर निकाला जा रहा है जो गलत है। चुनाव के समय नेता सगे बन जाते हैं झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने कहा कि जब चुनाव का समय आता है तो नेता लोग उनके साथ सगे जैसा व्यवहार करते हैं। उनके आधार कार्ड भी बनवा दिए जाते हैं। लेकिन अब उन्हें धक्के देकर निकाला जा रहा है और उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

झुग्गियों खाली करने के निर्देश के बाद यहां रहने वाले लोगों द्वारा बांधकर रखा घरेलू सामान।
बच्चों की पढाई होगी प्रभावित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने कहा कि उनके करीब 200 बच्चें स्कूल जाते हैं। जिनके एडमिशन करवा रखे हैं। यदि वे यहां से गए तो उनके बच्चों की पढाई प्रभावित होगी। कार्रवाई से पहले विधायक निवास पर पहुंचे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीम द्वारा झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई मंगलवार सुबह दस बजे शुरू की जानी थी। उससे पहले ही सुबह दर्जनों की संख्या में झुग्गियों में रहने वाले लोग लोहारू रोड़ स्थित दादरी विधायक सुनील सांगवान के आवास पर झुग्गियों को नहीं हटाने की गुहार लगाने के लिए पहुंचे।
लेकिन विधायक बाहर होने के कारण उन्हें मिल नहीं पाए। हालांकि मंगलवार को अज्ञात कारणों के चलते प्रशासन द्वारा कार्रवाई को टाल दिया गया था। सूत्रों की माने तो 14 अप्रैल तक झुग्गियों को खाली नहीं किया जाता है तो उसके बाद झुग्गियों को खाली करवाने की कार्रवाई हो सकती है।
करीब 300 झुग्गियां हैं बता दे कि कॉलेज रोड़ पर हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर करीब 300 झुग्गियां बनी हैं जिनमें करीब 1500 लोग 40-50 सालों से रहते हैं। ये लोग कूड़ा बीनने, कबाड़ खरीदने, चटाई, झाडू बनाने आदि कार्य करते हैं। तीन दिन पहले पुलिस बल मौके पर पहुंचा था और 45 लोगों को अपने साथ बस में बैठाकर पुलिस थाना ले जाया गया था। उनके पीछे-पीछे पैदल महिलाएं भी पुलिस थाने पहुंच गई थी और उनको पुलिस थाने लाए जाने का कारण पूछा।

दादरी में कॉलेज रोड़ पर बनी झुग्गियां।
वेरिफिकेशन के लिए लाया गया था डीएसपी धीरज कुमार ने बताया था कि झुग्गियों में रहने वाले लोगों को वेरिफिकेशन के लिए पुलिस थाना लाया गया था। वेरिफिकेशन के जरिए पता लगाया जाएगा कि झुग्गियों में कोई बांग्लादेशी, रोहिंग्या या वांछित अपराधी तो न रह रहा या यहां से कोई नशे का कारोबार ना किया जा रहा हो। यदि कोई संदिग्ध मिलेगा तो उससे गहनता से पूछताछ की जाएगी।
वाइस चेयरमैन पर हमले से जोड़कर देखा जा रहा इस पूरे मामले को चरखी दादरी नगर परिषद के वाइस चेयरमैन संदीप फोगाट पर बीते सप्ताह हुए हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। वाइस चेयरमैन ने झुग्गी में रहने वाले व्यक्ति पर रात के समय उस पर हमला करने के आरोप लगाए थे। बाद में लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर यहां रोहिंग्या व बांग्लादेशी रहने का शक जताया था और झुग्गियों को खाली करने की मांग की थी।
उसके बाद पुलिस द्वारा यहां सर्च अभियान चलाया गया और करीब चार दर्जन लोगों को पुलिस थाने ले जाया गया। हालांकि पुलिस द्वारा इस कार्रवाई को वाइस चेयरमैन पर हुए हमले से जुड़ा होने की बात से इंकार किया था। डीएसपी ने बताया था कि सर्च अभियान का मुख्य उद्देश्य रोहिंग्या या बांग्लादेशी की पहचान करने के साथ यह देखना था कि कोई वांछित अपराधी यहां आकर न रह रहा और यहां नशे का कारोबार ना किया जा रहा हो। इसके लिए वेरिफिकेशन की है।












