सिक्योरिटी राशि वापिस देने के संबंध में हैफेड मैनेजर को मांगपत्र देते हुए आढ़ती।
चरखी दादरी अनाज मंडी में बिना कारण बताए खरीद एजेंसी सर्वेयर द्वारा सरसों की ढेरियां रिजेक्ट करने पर आढ़तियों में रोष बना हुआ है। आढ़तियों ने शनिवार को बैठक आयोजित की और खरीद का विरोध किया। जिसके चलते स्थानीय अनाज मंडी में सरसों की खरीद नहीं हो सकी और क
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वहीं सरसों खरीद के लिए बनाए गए हैंडलिंग एजेंट ने भी पीछे हटते हुए एजेंट बनने से इनकार कर दिया और जमा करवाई गई सिक्योरिटी राशि वापिस देने की मांग की। हैफेड मैनेजर ने सर्वेयर को अपरिपक्व बताया और कहा कि वे आढ़तियों के साथ बैठक कर जल्द खरीद शुरू करवाएंगे।
बिना कारण बताए ढेरी की रिजेक्ट बता दे कि सरकार द्वारा प्रदेश की मंडियों में 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। स्थानीय अनाज मंडी में पहले सरसों में नमी की मात्रा अधिक होने, हैंडलिंग एजेंट देरी से बनने और खरीद एजेंसी का सर्वेयर नहीं पहुंचने के कारण खरीद देरी से शुरू हुई और 13 दिन बाद 27 मार्च को दोपहर बाद खरीद शुरू हुई थी।
आढ़तियों का कहना है कि 28 मार्च को खरीद एजेंसी नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) के सर्वेयर ने 21 में से 19 सरसो की ढेरियां रिजेक्ट कर दी और उनकी खरीद नहीं की। उन्होंने कहा कि ये ढेरियां पूरी तरह से साफ सुथरी थी और नमी व दूसरे सभी मानकों पर सही थी लेकिन बिना कारण बताए उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। जिसको लेकर आढ़तियों में रोष है और उन्होंने खरीद का विरोध कर दिया।

दादरी मंडी में सरसों उतारते श्रमिक।
हैंडलिंग एजेंट पीछे हटे दादरी अनाज मंडी में सरसों की खरीद के लिए तीन हैंडलिंग एजेंट बनाए गए थे। इन्हीं के जरिए खरीद होनी थी और इनमें 25-25 लाख रुपए सिक्योरिटी राशि भी जमा करवाई गई थी । बिना कारण बताए सरसों की ढेरियां रिजेक्ट करने पर उन्होंने कहा कि वे हैंडलिंग नहीं बनना चाहते उनकी सिक्योरिटी राशि वापिस की जाए।
आढ़तियों ने कहा कि वे खरीद एजेंसी की इस प्रकार की मनमानी के बीच खरीद नहीं कर सकते। आढ़ती विनोद गर्ग ने बताया कि 21 में से 19 ढेरियां बिना कारण बताए रिजेक्ट कर दी गई। ये ढेरियां पूरी तरह से साफ सुथरी व सभी मानकों पर खरी थी। हैफेड मैनेजर ने सर्वेयर को बताया अपरिपक्व बिना कारण बताए सरसों की ढेरियां रिजेक्ट करने पर आढ़तियों ने हैफेड मैनेजर सतीश सैनी को मांगपत्र सौंपा। जिसके माध्यम से उन्होंने हैंडलिंग एजेंट बनने से इंकार करते हुए जमा करवाई गई सिक्योरिटी राशि वापिस देने की मांग की।
इस संबंध में हैफेड मैनेजर से ने कहा कि सर्वेयर अपरिपक्व है जिसके कारण ढेरियां रिजेक्ट की गई है। उन्होंने कहा कि वे आढ़तियों व मंडी प्रधान से बात करेंगे और जल्द खरीद शुरू करवाएंगे।

दादरी मंडी में लगी सरसों की ढेरियां।
मानकों पर खरी नहीं थी: सर्वेयर खरीद एजेंसी नैफेड के सर्वेयर दीपक कुमार ने बताया कि जो ढेरियां मानकों के अनुसार सही नहीं थी केवल उन्हीं को रिजेक्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ढेरियां बड़ी थी जबकि कुछ को साफ नहीं किया गया था। सर्वेयर ने बताया कि आढ़तियों को पंखा लगाकर साफ करने के बारे में कहा तो उन्होंने कहा कि इस मंडी में पंखा नहीं लगेगा और ना ही ढेरियां छोटी बनाएंगे। दीपक कुमार ने कहा कि उसे एजेंसी की ओर से जो हिदायत मिली है उसी के अनुसार रिजेक्ट की गई है और इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया था। लेकिन आढ़ती खरीद बंद करने की बात बोलकर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं।












