26 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: Delhi में प्रदूषण कम करने के लिए सरकार की सख्ती के बावजूद वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मार्च 2026 तक करीब 66 लाख पुराने वाहनों को रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से हटाया गया, लेकिन इसके बावजूद कुल वाहनों का आंकड़ा बढ़कर 87.6 लाख तक पहुंच गया है।
पुराने वाहनों पर सख्त नियम
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने:
- 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहन
- 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन
पर प्रतिबंध लगाया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य राजधानी की हवा को साफ करना है।
क्यों नहीं घट रही संख्या?
Economic Survey 2025–26 के अनुसार,
- नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन तेजी से बढ़ रहा है
- निजी वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है
इसी वजह से कुल संख्या में कमी नहीं आ पा रही।
दोपहिया वाहनों का दबदबा
दिल्ली में:
- सबसे ज्यादा बाइक और स्कूटर हैं
- इसके बाद कार और अन्य निजी वाहन आते हैं
- माल ढुलाई और कमर्शियल वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है
पब्लिक ट्रांसपोर्ट की धीमी रफ्तार
बस और टैक्सी जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों की वृद्धि धीमी है।
- लोग निजी वाहनों पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं
- इससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों बढ़ रहे हैं
आंकड़ों में बदलाव
- 2021–22 में कोरोना और स्क्रैपिंग नीति से वाहनों की संख्या घटी थी
- लेकिन हालात सामान्य होते ही फिर से तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो गई
बढ़ती चिंता
अब हर 1000 लोगों पर वाहनों की संख्या पहले से ज्यादा हो चुकी है। यह साफ संकेत है कि लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बजाय निजी साधनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।













