चंडीगढ़, 28 जनवरी 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर शहर की राजनीति निर्णायक दौर में पहुंच गई है। 29 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव से पहले भाजपा, आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। बैठकों, फोन कॉल्स और अंदरूनी रणनीतियों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मौजूदा संख्या बल को देखते हुए भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
इस बार मेयर का चुनाव हाथ उठाकर किया जाएगा, जिससे क्रॉस वोटिंग और दलबदल की संभावनाएं सीमित मानी जा रही हैं। इसी वजह से तीनों दल अपने-अपने पार्षदों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और हर गतिविधि पर निगरानी की जा रही है।
आप पहुंची हाईकोर्ट
मेयर चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। आप के मेयर प्रत्याशी योगेश ढींगरा की ओर से दायर याचिका में चुनाव की प्रक्रिया ऑब्जर्वेशन में कराने की मांग की गई है। इस याचिका पर आज सुनवाई होनी है, जिससे चुनावी माहौल और गर्मा गया है।
भाजपा ने मोरनी में डाला डेरा
सूत्रों के मुताबिक भाजपा के पार्षद इन दिनों शहर से बाहर मोरनी में ठहरे हुए हैं। पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। हालांकि कुछ पार्षदों में मेयर प्रत्याशी सौरभ जोशी को लेकर नाराजगी की बात सामने आई है, लेकिन पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े चंडीगढ़ में डटे हुए हैं और लगातार बैठकों के जरिए पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि मतदान के समय विपक्ष के कुछ पार्षद भाजपा के पक्ष में हाथ उठा सकते हैं।
आप की गतिविधियों से बढ़ा सस्पेंस
आम आदमी पार्टी की गतिविधियों ने भी दिनभर राजनीतिक हलचल बनाए रखी। सेक्टर-22 में नगर निगम के एक कार्यक्रम के दौरान आप के पार्षद दमनप्रीत सिंह और अंजू कात्याल की मौजूदगी, साथ ही मंच पर मेयर और भाजपा पार्षद हरप्रीत कौर बबला की उपस्थिति ने पाला बदलने की अटकलों को हवा दी।
कार्यक्रम के बाद आप के सह-प्रभारी एसएस आहलूवालिया के पहुंचने से चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि, आहलूवालिया और पार्षद दमनप्रीत सिंह ने किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलों को सिरे से खारिज किया और कांग्रेस के साथ अंदरखाने गठबंधन से भी इनकार किया।
कांग्रेस में मंथन जारी
कांग्रेस खेमे में भी दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। पार्टी अध्यक्ष एचएस लक्की के आवास पर देर रात तक पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में शामिल एक पार्षद के अनुसार, आम आदमी पार्टी को समर्थन देने पर फिलहाल सहमति बनती नजर नहीं आ रही है। हालांकि कांग्रेस नेता खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
यह है संख्या का खेल
नगर निगम सदन में कुल 36 वोट हैं, जिनमें 35 पार्षदों और एक सांसद का वोट शामिल है।
भाजपा: 18 पार्षद
आम आदमी पार्टी: 11 पार्षद
कांग्रेस: 7 पार्षद + सांसद का 1 वोट
इन आंकड़ों के आधार पर भाजपा स्पष्ट बढ़त में है। यदि आप और कांग्रेस अलग-अलग मतदान करते हैं तो भाजपा को किसी अतिरिक्त समर्थन की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, दोनों दलों के साथ आने की स्थिति में मुकाबला 18-18 की बराबरी पर पहुंच सकता है। इसी संभावना को देखते हुए भाजपा एक अतिरिक्त पार्षद को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटी है।
गौरतलब है कि आप से बगावत कर पार्षद रामचंद्र ने निर्दलीय डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है, जिससे चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।











