2 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय के बाहर हुए धमाके को लेकर जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमले में इस्तेमाल किया गया हैंड ग्रेनेड उस खेप का हिस्सा हो सकता है, जिसे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद ने करीब डेढ़ साल पहले सीमा पार से भारत में भेजा था।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हथियारों की एक बड़ी खेप पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में 6 अक्टूबर 2024 को बरामद की गई थी। हालांकि उस समय कई हथियार जब्त कर लिए गए थे, लेकिन आशंका है कि कुछ हथियार सुरक्षा घेरे से बचकर अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंच गए।
प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लगातार सीमावर्ती इलाकों—खासतौर पर जम्मू-कश्मीर और पंजाब—में अस्थिरता फैलाने के लिए हथियारों की सप्लाई कर रही है। इन हथियारों को स्थानीय नेटवर्क और हैंडलर्स के जरिए आगे पहुंचाया जाता है।
सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी बताया कि लुधियाना में पिछले साल नवंबर में इसी तरह के हथियारों का जखीरा पकड़ा गया था। उस मामले में सामने आया था कि कुछ आरोपी विदेश में बैठे लोगों और पाकिस्तान के संपर्क में थे, जो पंजाब में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे थे।
फिलहाल, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद क्षेत्र में डर और अस्थिरता पैदा करना है।













