06 अप्रैल 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ में रसोई गैस की बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति को देखते हुए प्रशासन ने नए घरेलू एलपीजी कनेक्शनों पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस फैसले से आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि, प्रवासी मजदूरों और छात्रों को राहत देने के लिए 5 किलो के छोटे सिलिंडर की उपलब्धता आसान कर दी गई है।
प्रशासन के अनुसार जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां नए एलपीजी कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। ऐसे इलाकों के उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर PNG पर शिफ्ट होना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा उनकी एलपीजी आपूर्ति बंद की जा सकती है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। गैस एजेंसियों के अनुसार, रोजाना कई लोग नए कनेक्शन के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन कंपनियों ने अपने सॉफ्टवेयर में ही नए कनेक्शन जारी करने का विकल्प बंद कर दिया है, जिससे एजेंसियां भी मजबूर हैं।
उपभोक्ता परेशान, एजेंसियां लाचार
कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। एजेंसियों का कहना है कि जब तक कंपनियों से अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक नए कनेक्शन जारी नहीं किए जा सकते।
5 किलो सिलिंडर से राहत
इस बीच 5 किलो का छोटा सिलिंडर लोगों के लिए राहत का साधन बन गया है। अब इसे केवल वैध पहचान पत्र दिखाकर लिया जा सकता है और स्थानीय पते की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। इसकी कीमत करीब 554 रुपये रखी गई है, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिल रही है।
गैस कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नए कनेक्शन पूरी तरह बंद हैं और छोटे सिलिंडरों को ही प्राथमिकता दी जा रही है, खासकर प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए।













