14 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ एयरपोर्ट का रनवे अब सुरक्षित और चकाचक, लेकिन ILS अपग्रेड के लिए फरवरी तक इंतजार शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चंडीगढ़ का रनवे पूरी तरह सुधरकर तैयार है, लेकिन सर्दियों में धुंध के दौरान विजिबिलिटी की समस्या से राहत अभी नहीं मिलेगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस साल इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) कैट-2 के अपग्रेड का काम शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन सर्द मौसम में काम बाधित होने की संभावना के चलते इसे फरवरी तक टाल दिया गया है।
एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपग्रेड की तैयारियां पूरी थीं, लेकिन विशेषज्ञों ने सलाह दी कि यदि अभी काम शुरू किया गया तो धुंध के कारण लैंडिंग और उड़ानों के शेड्यूल पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसी वजह से फैसला लिया गया कि परियोजना फरवरी में शुरू होगी।
अपग्रेड में देरी से यात्रियों को परेशानी जारी
वर्तमान में एयरपोर्ट पर कैट-2 ILS काम कर रहा है, जिसमें 1200 फीट से कम विजिबिलिटी होने पर विमान लैंड नहीं कर सकते। सर्दियों में जब फॉग के कारण विजिबिलिटी 1000 फीट से नीचे चली जाती है, तो उड़ानों को या तो डायवर्ट करना पड़ता है या रद्द करना पड़ता है। अपग्रेड के बाद 750 फीट विजिबिलिटी में भी सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी।
आईएलएस कैसे करता है काम?
यह सिस्टम रेडियो सिग्नलों के जरिए विमान को रनवे के केंद्र पर बनाए रखता है (लोकलाइज़र) और सही एंगल पर नीचे उतरने में मदद करता है (ग्लाइड स्लोप)। ये संकेत सीधे पायलट के कॉकपिट में दिखाई देते हैं, जिससे लैंडिंग सटीक होती है।
एक नजर में चंडीगढ़ एयरपोर्ट
कुल उड़ानें (आना-जाना): 80
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें: 2 (अबू धाबी, दुबई)
मासिक यात्री संख्या: 3.74 लाख
एयरपोर्ट अधिकारी के अनुसार—
“हमने इस साल ILS कैट-2 अपग्रेड की योजना बनाई थी, लेकिन सर्दियों के चलते काम अधूरा रहने की आशंका थी, इसलिए इसे फरवरी के लिए शिफ्ट किया गया है।”











