सर्वाइकल कैंसर: हर 8 मिनट में एक महिला की जान, AIIMS दिल्ली में 31 जनवरी तक मुफ्त जांच की सुविधा

09 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  कैंसर का नाम सुनते ही अक्सर डर महसूस होता है, लेकिन आज के समय में यह बीमारी तेजी से आम होती जा रही है। वैश्विक स्तर पर हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण हो रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव बढ़ रहा है। कैंसर को केवल बढ़ती उम्र से जोड़कर देखना गलत है, क्योंकि अब यह युवाओं और यहां तक कि बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है।

महिलाओं में कैंसर के बढ़ते मामलों की बात करें तो आमतौर पर सबसे पहले स्तन कैंसर का जिक्र होता है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। यह कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से, यानी सर्विक्स में होता है और इसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और समय पर जांच की कमी के कारण भारतीय महिलाओं में इस बीमारी की पहचान देर से होती है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

भारत में स्थिति काफी गंभीर है। आंकड़ों के मुताबिक, हर 8 मिनट में एक महिला की मौत सर्वाइकल कैंसर के कारण हो जाती है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि समय पर स्क्रीनिंग, सही इलाज और बचाव के उपायों से इस कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है और इससे होने वाली मौतों में भी कमी लाई जा सकती है।

इन्हीं चिंताओं को देखते हुए ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), दिल्ली ने मुफ्त सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की शुरुआत की है। जनवरी को सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है और इसी के तहत 31 जनवरी तक महिलाएं AIIMS में फ्री जांच करवा सकती हैं।

30 से 65 वर्ष की महिलाएं सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करा सकती हैं। वहीं 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु HPV वैक्सीनेशन की सुविधा शनिवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक न्यू बिल्डिंग में उपलब्ध है।

AIIMS दिल्ली में प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पल्लवी शुक्ला का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह से रोका जा सकने वाला कैंसर है। महिलाओं को किसी भी उम्र में अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि समय पर जांच करवाई जाए तो भारत से सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।