10 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: केंद्र सरकार की कैबिनेट ने विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले निवेश को राहत दी है। सूत्रों के अनुसार, Narendra Modi की अगुवाई वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने इस फैसले को मंजूरी दी। इस कदम के बाद खासतौर पर China से भारत में आने वाले निवेश का रास्ता आसान हो सकता है और भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) शुरू करने में सुविधा मिलेगी।
दरअसल, 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने Press Note 3 लागू किया था। इसके तहत भारत के साथ जमीन सीमा साझा करने वाले देशों—जैसे चीन—से आने वाले निवेश के लिए पहले सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया था, ताकि संकट के समय भारतीय कंपनियों के अधिग्रहण को रोका जा सके। 2022 के एक नोटिफिकेशन में भी यह स्पष्ट किया गया था कि ऐसे देशों से जुड़ी किसी भी कंपनी या निवेशक को भारत में निवेश करने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी।
अब कैबिनेट ने इन नियमों को आसान बनाते हुए निवेश प्रक्रिया को सुगम करने का फैसला किया है, जिससे लंबे समय से रुके कई ज्वाइंट वेंचर और निवेश प्रस्ताव आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा कैबिनेट ने दिवाला समाधान प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए Insolvency and Bankruptcy Code से जुड़े IBC बिल 2025 में संशोधनों को भी मंजूरी दी है। साथ ही कॉर्पोरेट लॉज़ अमेंडमेंट बिल को भी स्वीकृति दी गई, जिससे कंपनियों से जुड़े कानूनी प्रावधानों को और स्पष्ट और प्रभावी बनाने की तैयारी है।













