झोने की पराली जलाने से वातावरण होता है प्रदूषित – सचिन पाठक

डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालियां और मुख्य कृषि अधिकारी के निर्देशों तथा सचिन पाठक, उप-मंडल मजिस्ट्रेट नंगल की अगुवाई में, कृषि और किसान

एस.डी.एम. नंगल ने किसानों को पराली न जलाने के लिए किया जागरूक

नंगल, 29 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालियां और मुख्य कृषि अधिकारी के निर्देशों तथा सचिन पाठक, उप-मंडल मजिस्ट्रेट नंगल की अगुवाई में, कृषि और किसान भलाई विभाग द्वारा पंजाब के भल्लड़ी गांव में फसलों की अवशेष प्रबंधन संबंधी किसान जागरूकता कैंप आयोजित किया गया।

इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए सचिन पाठक ने बताया कि झोने की फसल के साथ मिट्टी से प्राप्त पोषक तत्वों का एक बड़ा हिस्सा पराली में ही चला जाता है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा मॅपिंग किए गए बेलरों की संख्या संबंधित गांवों के किसानों तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे आसानी से अपने खेतों को जल्दी खाली कर सकें और पराली जलाने की ओर न जाएं।

कृषि अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि अगर पराली में आग लगाई जाती है तो इसमें मौजूद सभी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पराली में लगभग 25% नाइट्रोजन/फॉस्फोरस, 50% सल्फर और 75% पोटाश मौजूद होता है। प्रति टन पराली में 4-5.5 किग्रा नाइट्रोजन, 2-2.5 किग्रा फॉस्फोरस, 15-25 किग्रा पोटाश, 1.25 किग्रा सल्फर और लगभग 400 किग्रा जैविक कार्बन होता है।

उन्होंने किसानों से कहा कि पंजाब सरकार सीआरएम स्कीम के तहत मशीनरी पर सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। किसानों को चाहिए कि इस मशीनरी का उपयोग कर पराली का उचित प्रबंधन करें और झोने की पराली में आग लगाने से बचें।

इस अवसर पर सिमरजीत सिंह, थाना मुखी और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।