तरणतारन 03 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjabi Desk: पराली को खेतों में दबाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है – डॉ. यादविंदर सिंह मुख्य कृषि अधिकारी तरणतारन डॉ. तेजबीर सिंह भंगू के दिशा-निर्देशों के तहत ब्लॉक फार्मर एडवाइजरी कमेटी की बैठक, बीटीटी इंचार्ज डॉ. नवतेज सिंह की अगुवाई में, किसानों को धान की पराली को जलाने की बजाय उसके उचित प्रबंधन संबंधी जानकारी देने के लिए ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर डॉ. यादविंदर सिंह की देखरेख में आयोजित की गई।
डॉ. यादविंदर सिंह ने किसानों को पराली को आग न लगाने की अपील करते हुए कहा कि पराली को जलाने से लाभदायक कीड़े नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की उर्वरक शक्ति घट जाती है। पराली जलाने से सड़क हादसे भी होते हैं। उन्होंने बताया कि जिन किसानों को आलू और मटर की बुवाई करनी है, वे बेलर से पराली की गांठें बना सकते हैं या फिर धान की कटाई के बाद पराली को मल्चर से काटकर रिवर्सिबल प्लाउ की मदद से जमीन में दबा सकते हैं।
पराली को जलाने से नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, सल्फर, पोटाश और जैविक पदार्थ जैसे आवश्यक तत्व नष्ट हो जाते हैं और फिर हमें रासायनिक खादों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे खेती का खर्च बढ़ जाता है।
इस मौके पर गुरमेज सिंह चेयरमैन, हरपाल सिंह, गुरमीत सिंह, बलदेव सिंह, मंगल दास, कृशन कुमार, तरसेम सिंह समेत कई प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।













