काले बालों का झांसा या खतरा? जानें काली मेहंदी के इस्तेमाल की सच्चाई

काले बालों का झांसा या खतरा? जानें काली मेहंदी के इस्तेमाल की सच्चाई

27 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Lifestyle Desk: आजकल खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण कम उम्र में ही बाल सफेद होना आम हो गया है। ऐसे में कई लोग बालों को जल्दी और गहराई से रंगने के लिए काली मेहंदी का सहारा लेते हैं। बाजार में इसे ‘नेचुरल’ या ‘हर्बल’ बताकर बेचा जाता है, लेकिन क्या यह सच में प्राकृतिक है? आइए जानते हैं काली मेहंदी की असली सच्चाई, इसके फायदे और नुकसान।

क्या काली मेहंदी वास्तव में प्राकृतिक है?                                                                                        अधिकतर काली मेहंदी पूरी तरह प्राकृतिक नहीं होती। भले ही कंपनियां इसे हर्बल बताएं, लेकिन इसमें अक्सर पीपीडी (Paraphenylenediamine) नामक केमिकल मिलाया जाता है, जो बालों को गहरा काला रंग देता है। असली प्राकृतिक मेहंदी हरे पत्तों से बनाई जाती है और इसका रंग हल्का भूरा या लाल होता है। अगर कोई मेहंदी तुरंत गहरा काला रंग दे रही है, तो समझ लें कि उसमें केमिकल जरूर मौजूद है।

काली मेहंदी के फायदे

सफेद बालों को जल्दी काला करती है।

लगाना आसान होता है।

कुछ ब्रांड्स में हर्बल इंग्रीडिएंट्स और डाई की तुलना में कम केमिकल होते हैं।

बालों को अस्थायी रूप से चमकदार बना सकती है।

काली मेहंदी के नुकसान

स्कैल्प पर खुजली, जलन और एलर्जी का खतरा।

बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं।

लंबे समय तक इस्तेमाल से बाल झड़ सकते हैं और बेजान हो सकते हैं।

कुछ मामलों में गंभीर एलर्जिक रिएक्शन तक हो सकते हैं।

निष्कर्ष: अगर आप बालों के लिए सुरक्षित विकल्प चाह रहे हैं, तो शुद्ध प्राकृतिक मेहंदी या केमिकल-फ्री हेयर कलर्स का इस्तेमाल करें। किसी भी प्रोडक्ट का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें ताकि बालों और स्कैल्प को नुकसान से बचाया जा सके।