22 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आखिरकार अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। रणनीति के तहत पार्टी ने नामांकन के दिन ही अपने पत्ते खोलते हुए वार्ड नंबर-12 से पार्षद सौरभ जोशी को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया। इसके साथ ही सौरभ जोशी ने नगर निगम सचिव के समक्ष अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया।
इस बार मेयर चुनाव में BJP, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है, लेकिन संख्या बल के लिहाज से BJP सबसे मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। कांग्रेस और AAP द्वारा गठबंधन न करने का फैसला BJP के लिए सीधा फायदा साबित हुआ है। यदि दोनों पार्टियां साथ आतीं तो मुकाबला कड़ा हो सकता था, लेकिन अलग-अलग लड़ने से BJP की जीत लगभग तय मानी जा रही है। BJP का भी दावा है कि मेयर पद पर उसका कब्जा बरकरार रहेगा।
किस पार्टी के पास कितने पार्षद?
हाल ही में AAP की दो महिला पार्षदों के BJP में शामिल होने के बाद BJP के पार्षदों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। AAP के पास अब 11 पार्षद रह गए हैं, जो पहले 13 थे। वहीं कांग्रेस के पास इस समय 6 पार्षद हैं। इसके अलावा कांग्रेस के पास चंडीगढ़ के मौजूदा सांसद मनीष तिवारी का एक वोट भी है।
इस बार होगी ओपन वोटिंग
चंडीगढ़ नगर निगम में इस बार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) से नहीं, बल्कि हाथ उठाकर (शो ऑफ हैंड्स) किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पहले ही इसकी मंजूरी दे दी है। दरअसल, मेयर चुनावों में क्रॉस वोटिंग और बैलेट पेपर में गड़बड़ी की आशंका के चलते AAP और कांग्रेस लंबे समय से ओपन वोटिंग की मांग कर रहे थे।
मेयर चुनाव से जुड़ी अहम जानकारी
चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। इस चुनाव में आम जनता वोट नहीं करती, बल्कि जनता द्वारा चुने गए पार्षद और मौजूदा सांसद वोट डालते हैं। कुल 35 पार्षदों के वोट और सांसद का एक वोट मिलाकर मेयर चुना जाता है। फिलहाल BJP के पास सांसद का वोट नहीं है, जबकि कांग्रेस के पास यह ताकत मौजूद है।
पिछले चुनाव का हाल
पिछला चंडीगढ़ मेयर चुनाव 30 जनवरी को हुआ था, जिसमें कम संख्या होने के बावजूद BJP मेयर बनाने में सफल रही थी और हरप्रीत कौर बबला मेयर बनी थीं। हालांकि, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद AAP-कांग्रेस गठबंधन के खाते में गए थे।













