बिटकॉइन में 21% की भारी गिरावट, निवेशकों को 20 लाख का नुकसान — क्यों डगमगाया दुनिया का नंबर 1 क्रिप्टो?

बिटकॉइन में 21% की भारी गिरावट, निवेशकों को 20 लाख का नुकसान — क्यों डगमगाया दुनिया का नंबर 1 क्रिप्टो?

25 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन नवंबर में जबरदस्त गिरावट का सामना कर रही है। इस महीने अब तक इसमें 21% से अधिक की बड़ी गिरावट देखी गई, जो पिछले तीन सालों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। जून 2022 के बाद यह पहली बार है जब गिरावट 20% से ऊपर गई है। इसका मतलब है कि एक बिटकॉइन पर निवेशकों को 22,700 डॉलर यानी लगभग 20 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।

क्रिप्टो मार्केट की यह कमजोरी मुख्य रूप से घटती लिक्विडिटी, जोखिम वाले निवेशों से दूरी और ऑल्टकॉइन्स में आई तेज गिरावट की वजह से सामने आई है। हालांकि 25 नवंबर को बिटकॉइन सात महीने के निचले स्तर से थोड़ा संभलते हुए 86,800 डॉलर के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया।

Pi42 के CEO अविनाश शेखर के अनुसार, क्रिप्टो मार्केट अभी अनिश्चितता और आंशिक रिकवरी के बीच अटका हुआ है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर मिली-जुली संकेतों और नए ETF से जुड़े बदलावों ने बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ाया है।

कॉइनगेको के अनुसार, बिटकॉइन अक्टूबर से अब तक अपने 1,26,000 डॉलर के लाइफटाइम हाई से गिरकर 82,200 डॉलर के नीचे आ चुका है। विश्लेषकों का कहना है कि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स पिछले कुछ हफ्तों में लगभग 8 लाख बिटकॉइन बेच चुके हैं, जो जनवरी 2024 के बाद की सबसे बड़ी बिकवाली है।

ब्याज दरों में संभावित कटौती को लेकर फेडरल रिजर्व की अनिश्चितताओं ने भी क्रिप्टो को झटका दिया है। आमतौर पर ब्याज दरें गिरती हैं तो बिटकॉइन में तेजी आती है, लेकिन अभी हालात उलझे हुए हैं। साथ ही वैश्विक आर्थिक चिंताएं, तकनीकी शेयरों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।

हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिटकॉइन का दीर्घकालिक ट्रेंड सुरक्षित बना हुआ है। जेबपे के COO राज करकरा का कहना है कि मौजूदा गिरावट बाजार का शॉर्ट-टर्म रिएक्शन है, जबकि ऑन-चेन डेटा और संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी दिखाती है कि लंबी अवधि में बिटकॉइन की मजबूती बरकरार है। अल्पकाल में फिर से 82,000 डॉलर के नीचे स्लिप होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मार्केट की बुनियादी स्थिति मजबूत मानी जा रही है।