03 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया मंगलवार (3 फरवरी) को पटियाला की नाभा जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आने में कुछ देरी हुई, जिसकी वजह औपचारिक कागजी कार्रवाई बताई गई। इससे पहले उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी थी कि मजीठिया सुबह करीब साढ़े दस बजे जेल से बाहर आएंगे। वह स्वयं उन्हें लेने नाभा जेल पहुंची थीं।
मजीठिया की रिहाई के मौके पर जेल के बाहर अकाली दल के बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। समर्थकों ने नारेबाजी की और इसे “न्याय की जीत” बताया। वहीं अमृतसर स्थित मजीठिया के आवास पर भी उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थकों ने उनका स्वागत किया और मिठाइयां बांटी गईं। एक दिन पहले जमानत मिलने की खबर के बाद अमृतसर आवास के बाहर आतिशबाजी भी की गई थी।
गौरतलब है कि 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम मजीठिया को जमानत दी थी। कोर्ट ने जमानत देते समय अपनी ओर से कोई विशेष शर्त नहीं लगाई, लेकिन दूसरे पक्ष को यह छूट दी कि वे ट्रायल कोर्ट में जमानत की शर्तें तय कराने की मांग कर सकते हैं। इससे पहले मजीठिया को मोहाली कोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
बिक्रम मजीठिया पिछले करीब सात महीनों से नाभा जेल में बंद थे। 25 जून 2025 को पंजाब विजिलेंस ने अमृतसर स्थित उनके आवास पर छापेमारी के बाद उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क के जरिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की।
मजीठिया की रिहाई को लेकर जहां अकाली दल और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं आम आदमी पार्टी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। AAP के वरिष्ठ नेता हरपाल चीमा ने कहा कि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति निर्दोष साबित हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजीठिया के खिलाफ जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।













