जग्गू भगवानपुरिया को बड़ी राहत, टारगेट कि*लिंग केस में मोहाली कोर्ट से बरी

Mohali 14 Jan 2026 Fact Recorder

Mohali Desk :  पंजाब में टारगेट किलिंग के जरिए दहशत फैलाने से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में मोहाली की स्पेशल कोर्ट ने गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ़ जग्गू भगवानपुरिया को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उसे तीन साल पुराने इस मामले से बरी कर दिया है।

हालांकि, इस केस में उसके तीन साथियों—जसपाल सिंह उर्फ़ हनी, युवराज सिंह उर्फ़ छीना और निशान सिंह—के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा चलेगा। कोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया और न ही उसके खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी गई।

यह मामला UAPA की धाराएं 17, 18 और 20, भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने वर्ष 2022 में खुफिया सूचना के आधार पर यह केस दर्ज किया था। आरोप था कि जग्गू भगवानपुरिया अपने साथियों के साथ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था और कुछ हिंदू नेताओं को टारगेट करने की साजिश रची गई थी।

जांच के दौरान युवराज सिंह और निशान सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से एक .32 बोर का पि*स्तौल, चार का*रतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। मोबाइल फोन की जांच में जसपाल सिंह उर्फ़ हनी का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद जग्गू भगवानपुरिया को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर जांच में शामिल किया गया, लेकिन उसके खिलाफ कोई बरामदगी नहीं हुई।

अदालत ने कहा कि जग्गू के खिलाफ केवल पुलिस के सामने दिया गया कथित इकबालिया बयान ही मौजूद है, जो भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 के तहत अदालत में स्वीकार्य नहीं है। अभियोजन की अनुमति देने वाली अथॉरिटी ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पुलिस के इकबालिया बयान के अलावा जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ कोई अन्य सबूत नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया।

हनी और छीना अदालत में पेश हुए, जबकि निशान सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुआ। तीनों ने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 को होगी।