टाटा ग्रुप को बड़ा झटका: नए कारोबारों से FY26 में 29,000 करोड़ तक नुकसान का अनुमान

07 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk: भारत के बड़े औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप के लिए वित्त वर्ष 2025-26 चुनौतीपूर्ण साबित होता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, समूह के नए और उभरते कारोबार—जिन्हें कभी “तुरुप के इक्के” माना जा रहा था—अब भारी नुकसान का कारण बनते नजर आ रहे हैं। अनुमान है कि FY26 में इन व्यवसायों से कुल नुकसान करीब 29,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो पहले के 5,700 करोड़ रुपये के अनुमान से कहीं अधिक है।

वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में ही नुकसान 21,700 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो पूरे FY25 के 16,550 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। इस बढ़ते घाटे के पीछे मुख्य रूप से Air India, Tata Digital, Tata Electronics और Tejas Networks जैसी कंपनियां हैं।

खासतौर पर Tata Digital ग्रुप के लिए बड़ी चिंता बनकर उभरी है। 2019 में शुरू हुए इस प्लेटफॉर्म में BigBasket, Tata 1mg, Croma और Tata CLiQ जैसे ब्रांड शामिल हैं, जिनमें 24,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जा चुका है। इसके बावजूद कंपनी अभी तक मुनाफा नहीं कमा पाई है और FY26 में इसका नुकसान 5,000 करोड़ रुपये से ऊपर जाने का अनुमान है।

वहीं Air India सबसे ज्यादा घाटे का कारण बनी हुई है। एयरलाइन को FY26 में करीब 20,000 करोड़ रुपये तक नुकसान होने का अनुमान है, जो पहले के अनुमान से कई गुना ज्यादा है। केवल पहले नौ महीनों में ही 15,000 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया जा चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार नेतृत्व में बदलाव, प्रोडक्ट सुधार की धीमी गति और गलत रणनीतियां इन नुकसान की बड़ी वजह हैं। इसके अलावा, प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले संचालन और डिलीवरी जैसे बुनियादी क्षेत्रों में पिछड़ना भी महंगा साबित हुआ है।

कुल मिलाकर, टाटा ग्रुप के सामने अब इन नए कारोबारों को स्थिर करने और नुकसान को कम करने की बड़ी चुनौती है, जिस पर आने वाले महीनों में कंपनी की रणनीति काफी अहम भूमिका निभाएगी।