भिवानी के वैश्य कॉलेज में एक देश एक चुनाव पर आयोजित सेमिनार में पहुंचे अतिथि
भिवानी के वैश्य महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-एक के द्वारा “एक राष्ट्र एक चुनाव” विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसका नेतृत्व महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. संजय गोयल एवं महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एक की प्रभारी डॉ. कामना
।
संवाद कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सदस्य एडवोकेट विजयपाल सिंह ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव का मतलब है देश में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराना। इसके फलस्वरूप लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे और मतदान भी एक साथ होंगे। हालांकि भारत में राज्य विधानसभाओं और संसद के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव अलग-अलग आयोजित किए जाते हैं।

भिवानी के वैश्य कॉलेज में एक देश एक चुनाव पर आयोजित सेमिनार में भाग लेते हुए
हर वर्ग के सुझाव को ध्यान में रखकर एक राष्ट्र एक चुनाव पर मंथन उन्होंने कहा कि जब मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाता है या किसी कारण से भंग हो जाती है। इस प्रकार सरकार ने भारत में एक राष्ट्र एक चुनाव का प्रस्ताव रखा और एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा की संभावना का पता लगाने के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच हैं कि पक्ष, विपक्ष व समाज के हर वर्ग के सुझाव को ध्यान में रखकर एक राष्ट्र एक चुनाव पर मंथन किया जाए।
कई चुनौतियां भी उन्होंने कहा भारत में एक राष्ट्र एक चुनाव को लागू करने में कई चुनौतियां भी हैं। देश के आकार और क्षेत्रों के बीच विशाल सांस्कृतिक और स्थलाकृतिक अंतर को देखते हुए चुनावी चक्रों को समन्वित करने और उनमें फेरबदल करने, वित्तीय, तार्किक, वैचारिक, कानूनी और संवैधानिक पहलुओं में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के प्रधान एडवोकेट शिवरतन गुप्ता, महासचिव डॉ पवन बुवानीवाला, संवाद कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सदस्य एडवोकेट विजयपाल सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।












