भिवानी की अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए आढ़ती
भिवानी में सरसों की खरीद को लेकर प्रशासन व आढ़ती आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन ने 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू कर दी थी। लेकिन अब आढ़तियों ने हेंडलिंग एजेंट बनने से इनकार कर दिया है। वहीं शुक्रवार को भिवानी मार्केट कमेटी के बाहर धरना प्रदर्शन
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भिवानी की अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए आढ़ती
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान भूरू बंसल ने कहा कि नेफैड आढ़ती के माध्यम से सरसों नहीं खरीद रही। नेफैड बवानीखेड़ा सोसाइटी के माध्यम से खरीदती है और बवानीखेड़ा सोसाइटी ने हेंडलिंग एजेंट बना रहे हैं। हेंडलिंग एजेंट बनने के लिए 25 लाख रुपए सिक्योरिटी, रजिस्ट्री व चेक थोंपा था। लेकिन आढ़ती 25 लाख रुपए सिक्योरिटी भरने के लिए तैयार नहीं हुए। इसलिए व्यापारियों में रोष है और उनका रोजगार भी चौपट हो रखा है।
25-25 लाख देकर हेंडलिंग एजेंट बनने को तैयार नहीं उन्होंने कहा कि सरकार आढ़तियों के माध्यम से तो सरसों खरीद ही नहीं रही। बाहर के आदमी हेंडलिंग एजेंट बन रखे हैं। उनसे 25-25 लाख रुपए की सिक्योरिटी भरवा रही है। सरकार द्वारा आढ़तियों के साथ धोखा किया जा रहा है। सरकार ने अनाज मंडी काट रखी है। यहां काम नहीं होगा तो क्या करेंगे। अभी तक सरसों की आवक ही नहीं हैं। आवक भी तब शुरू होगी, जब आढ़तियों के माध्यम से सरसों खरीद होगी। वे आढ़ती हेंडलिंग एजेंट बनने को तैयार हैं, लेकिन सरकार ने जो शर्तें लगाई है, उन्हें मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

भिवानी की अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए आढ़ती
सरकार असामाजिक नीतियां लागू करने की कोशिश कर रही आढ़ती पंकज बंसल सरकार आढ़तियों के पक्ष में ना होकर अपनी असामाजिक नीतियां लागू करवाने की कोशिश कर रही है। वहीं व्यापारियों पर नाजायज दबाव बनाए जा रहे हैं। सरकार अपनी नीतियों को सरल करे। ताकि सभी व्यापारियों व मजदूरों को काम मिले। जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तब तक वे धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार, यूपी व बंगाल से मजदूर आए हुए हैं। वे सभी सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगार हो रखे हैं। अगर आढ़ती खरीदते हैं तो काम चलेगा और मजदूरों को भी काम मिलेगा।












