08 मई, 2025 Fact Recorder
भगवंत मान: ‘ऑपरेशन सिंधूर, भारत का आतंकवाद और संप्रभुता के खिलाफ स्पष्ट संदेश’
भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘ऑपरेशन सिंधूर’ को पूरी तरह से समर्थन दिया और कहा कि भारत को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि सेना की साहसिकता, सटीकता और समर्पण पर हमें गर्व है और इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत आतंकवाद या संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का खतरा सहन नहीं करेगा।
पंजाब की सीमा सुरक्षा पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को सभी सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है और केंद्र सरकार तथा सशस्त्र बलों के साथ समन्वय भी बढ़ाया गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद उन्होंने चंडीगढ़ में उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक की थी और सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है। धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चाहे वह मादक पदार्थों की तस्करी हो, ड्रोन की समस्या हो या बाहरी ताकतों द्वारा प्रायोजित गैंगवार हों, राज्य सरकार इन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम पंजाब को हमेशा सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह भूमि शहीदों, सैनिकों और किसानों की है, और हम इसे किसी भी कीमत पर अस्थिर नहीं होने देंगे।”
ऑपरेशन सिंधूर के तहत चल रहे मॉक ड्रिल्स के बारे में बात करते हुए भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से केंद्र सरकार के निर्देशों के साथ इस प्रक्रिया का समर्थन करती है और मॉक ड्रिल्स से सुरक्षा और समन्वय में मदद मिलेगी।
पानी विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पानी के मामले में पहले से ही संघर्ष कर रहा है और हरियाणा को 4,000 क्यूसेक पानी देना हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन हरियाणा और बीजेपी के दबाव में, अब 8,500 क्यूसेक पानी देने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसे पंजाब कतई स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इसकी खिलाफत करती है और विधानसभा ने इस पर एक प्रस्ताव पास किया है।
कश्मीर से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा पंजाब को अस्थिर करने की कई कोशिशों को नाकाम किया गया है, और इस चुनौती का सामना करने के लिए पंजाब एकजुट है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पंजाब के खिलाफ पाकिस्तान के प्रयासों को विफल करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर पर रणनीति बनाई जाए।
सभी जातियों की सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक स्थिति का विश्लेषण करने के लिए जातिगत जनगणना पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना को सिर्फ एक आंकड़े के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समावेशी भारत बनाने के लिए जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अगर जातिगत जनगणना सही तरीके से और पारदर्शी रूप से की जाती है, तो यह भारत के लिए एक न्यायपूर्ण और समान समाज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।