30 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: नए साल की नई चुनौती के साथ भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी साउथ अफ्रीका दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। यह दौरा वैभव के करियर में कई मायनों में खास है। एक तो यह उनका पहला साउथ अफ्रीका टूर है, दूसरा इसी दौरे पर वह पहली बार अंडर-19 टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। यानी जिम्मेदारी भी बड़ी है और उम्मीदें भी।
इस अहम दौरे पर निकलने से पहले वैभव सूर्यवंशी ने अपने बचपन के कोच और गुरु मनीष ओझा से मुलाकात की। यह मुलाकात रांची में हुई, जहां वैभव बिहार की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी का मुकाबला खेलने पहुंचे थे। मैच के बाद उन्होंने अपने गुरु से समय निकालकर बातचीत की।
लेकिन उस कम वक्त में उन्होंने वैभव को जरूरी बातें समझा दीं। कोच के मुताबिक, उन्होंने वैभव से तीन अहम बातें कहीं।
पहली सलाह यह थी कि साउथ अफ्रीका में पूरी लगन और 100 प्रतिशत मेहनत के साथ खेलना होगा। वहां की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होंगी, इसलिए किसी भी हाल में ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।
दूसरी बात कप्तानी से जुड़ी थी। मनीष ओझा ने वैभव से कहा कि कप्तान बनने का मौका हर किसी को नहीं मिलता, इसलिए इस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाना और टीम को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी है।
तीसरी और सबसे अहम सलाह उनकी बल्लेबाजी को लेकर थी। कोच ने बताया कि साउथ अफ्रीका की पिच और हालात भारत से बिल्कुल अलग होंगे। ऐसे में वैभव को संयम के साथ खेलना होगा और हालात के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी ढालनी होगी।
वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और विस्फोटक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। क्रिकेट जगत में उनकी पहचान ऐसे बल्लेबाज की बन चुकी है, जो पहली गेंद से ही हमला बोल देता है। अगर वैभव अपने इस स्वभाव के साथ-साथ अपने गुरु की सलाह पर भी अमल करते हैं, तो साउथ अफ्रीका दौरा उनके लिए करियर का एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।













