बर्फखाना जमीन विवाद: मंत्री अनिल विज का दावा, जमीन का मालिकाना हक सरकार के पास

08 जुलाई 2025 फैक्टररिकॉर्डर 

Haryana Desk: बर्फखाना जमीन विवाद: अनिल विज का बयान — “सरकार के पास है जमीन का मालिकाना हक”, जांच के दिए निर्देश                                                                                                 अंबाला  — हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी स्थित बर्फखाना जमीन विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनरल लैंड रिकॉर्ड (GLR) के अनुसार इस जमीन का मालिकाना हक राज्य सरकार के पास है, और इसकी खरीद-बिक्री गैरकानूनी है। विज ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा है।

कोर्ट केस और लापरवाही की जांच होगी
अनिल विज ने बताया कि 5 फरवरी 1977 को हुए एक्साइज समझौते के बाद से यह मामला कोर्ट में लंबित है। उन्होंने कहा कि कई अदालती मामलों में सरकारी कर्मचारियों द्वारा समय पर उचित दस्तावेज पेश न करने के कारण देरी हुई, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विज ने सुझाव दिया है कि इन कर्मचारियों की भूमिका की जांच करवाई जाए, ताकि यह पता चल सके कि कहां और क्यों लापरवाही हुई।

लीज पर दी गई जमीन पर निर्माण गैरकानूनी
मंत्री विज ने दोहराया कि लीज पर दी गई जमीन पर बिना अनुमति किसी भी नए ढांचे या निर्माण की अनुमति नहीं है। ऐसा करने पर लीज रद्द की जा सकती है और अवैध निर्माण को गिराया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह मुद्दा सिर्फ अंबाला का नहीं है, बल्कि देशभर के 62 कैंटोनमेंट क्षेत्रों में यही स्थिति है, जहां अंग्रेजों के समय से ज़मीन लीज पर दी जाती रही है।

सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता, कर्मियों की मांग
सफाई व्यवस्था को लेकर भी अनिल विज ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी में सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण कई जगह सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की है और सभी पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निष्कर्ष:
अनिल विज ने बर्फखाना जमीन विवाद में सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कड़ा संदेश दिया है कि सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री न केवल अवैध है, बल्कि इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही उन्होंने लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और छावनी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया है।