19 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: इस साल हरतालिका तीज का पर्व 26 अगस्त को मनाया जाएगा। विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसे पति की लंबी आयु, वैवाहिक सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए रखा जाता है। हर साल यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।
क्यों है खास यह व्रत? हरतालिका तीज को कठिन व्रतों में गिना जाता है, क्योंकि इसमें महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं यानी पूरे दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत करती हैं। यही कारण है कि इसे मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
व्रत के नियम और परंपराएं इस दिन महिलाओं को दिन में सोना नहीं चाहिए, वहीं रात को जागरण करना शुभ माना जाता है। भजन-कीर्तन और भगवान शिव-पार्वती के नाम का जाप करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। परंपरा के अनुसार महिलाओं को इस दिन सोलह श्रृंगार करना चाहिए और अपनी मांग खाली नहीं रखनी चाहिए। काले वस्त्र और चूड़ियां वर्जित मानी जाती हैं, जबकि हरा और लाल रंग शुभ माना जाता है। पति-पत्नी के बीच विवाद या झगड़ा इस दिन अशुभ माना जाता है, इसलिए घर का वातावरण सकारात्मक रखना आवश्यक है।
यदि कोई महिला मासिक धर्म में है, तो वह केवल मानसिक पूजा, ध्यान और मंत्र-जाप कर सकती है, लेकिन व्रत और पूजा सामग्री को स्पर्श नहीं करना चाहिए। हरतालिका तीज का यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और आत्मिक शक्ति को भी बढ़ाता है।