स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबोहर में की गई डेंगू-रोधी गतिविधियाँ : डॉ. रोहित गोयल, सिविल सर्जन

डॉ. रोहित गोयल, सिविल सर्जन फाजिल्का के निर्देशों के तहत डॉ. अर्पित गुप्ता (सहायक सिविल सर्जन) और डॉ. सुनीता कांबोज (जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट) की देखरेख में

जिले भर में लगातार चल रही हैं एंटी-डेंगू गतिविधियाँ : डॉ. रोहित गोयल, सिविल सर्जन

फाजिल्का, 14 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  डॉ. रोहित गोयल, सिविल सर्जन फाजिल्का के निर्देशों के तहत डॉ. अर्पित गुप्ता (सहायक सिविल सर्जन) और डॉ. सुनीता कांबोज (जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट) की देखरेख में जिलेभर में लगातार डेंगू-रोधी गतिविधियाँ की जा रही हैं। इसी क्रम में अबोहर शहरी क्षेत्र में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कांबोज के नेतृत्व में लगातार ब्रीडिंग जांच, एंटी-लार्वा स्प्रे और डेंगू मरीज पाए जाने वाले क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रही है।

इस बारे में जानकारी देते हुए डॉ. सुरेश कांबोज ने बताया कि शहर में अब तक डेंगू के पाँच मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, जो ईदगाह बस्ती, नानक नगरी, धर्म नगरी, गौशाला रोड और नई आबादी क्षेत्रों में मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में नगर निगम के सहयोग से फॉगिंग करवाई जा चुकी है और आस-पास के इलाकों में ब्रीडिंग चेकर्स द्वारा जांच और जागरूकता गतिविधियाँ जारी हैं।

डॉ. रोहित गोयल और डॉ. अर्पित गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आज उन सभी इलाकों में घर-घर सर्वे किया जहाँ पॉजिटिव केस मिले थे, और मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि डेंगू संक्रमित एडीज़ एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ खड़े पानी में पनपता है और अधिकतर दिन के समय काटता है। इसलिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना आवश्यक है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि कूलर और गमलों की ट्रे में जमा पानी को हर हफ्ते एक बार साफ करें, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छर न काट सके, सोते समय मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम या तेल का उपयोग करें। बुखार होने पर एस्पिरिन या ब्रूफेन न लें, केवल पैरासिटामोल लें। छत पर रखे पानी के टैंकों को ढककर रखें, टूटे बर्तनों, ड्रम और टायर आदि को खुले में न रखें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें और संतुलित आहार खाएं।

डिप्टी मास मीडिया अधिकारी मनबीर सिंह, एनवीबीडीसीपी टीम इंचार्ज टहल सिंह और भारत सेठी ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार गतिविधियाँ जारी हैं। नगर परिषद के सहयोग से डेंगू पॉजिटिव घरों और आसपास के मोहल्लों में फॉगिंग और स्प्रे करवाई गई और लोगों को जागरूक किया गया

उन्होंने कहा कि जागरूकता और सावधानियों से डेंगू से बचाव संभव है। यदि किसी को तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, आँखों के पीछे दर्द, सिरदर्द, त्वचा पर दाने, मसूड़ों या नाक से खून आने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाकर टेस्ट और इलाज करवाएं
डेंगू का टेस्ट और इलाज स्वास्थ्य विभाग के सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त किया जाता है।