BMC चुनाव से पहले अन्नामलाई के बयान पर सियासी तूफान, मुंबई को लेकर छिड़ी जुबानी जंग

13 Janaury 2026 Fact Recorder

National Desk:  मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले तमिलनाडु बीजेपी नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के एक बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। मुंबई को लेकर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर विपक्ष हमलावर है, जबकि बीजेपी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है।

क्या था अन्नामलाई का बयान?

बीएमसी चुनाव प्रचार के दौरान अन्नामलाई ने कहा कि मुंबई “महाराष्ट्र का शहर नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर है” और यहां ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ की जरूरत है—दिल्ली में मोदी, महाराष्ट्र में फडणवीस और मुंबई में बीजेपी का मेयर। उन्होंने यह भी कहा कि बीएमसी का बड़ा बजट सही हाथों में होना चाहिए।

ठाकरे बंधुओं का तीखा हमला

इस बयान के बाद शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और मनसे प्रमुख राज ठाकरे हमलावर हो गए। राज ठाकरे ने शिवाजी पार्क की रैली में अन्नामलाई पर तंज कसते हुए उन्हें “तमिलनाडु से आया रसमलाई” बताया और सवाल किया कि मुंबई पर बोलने का उन्हें क्या अधिकार है।
शिवसेना (उद्धव) के मुखपत्र सामना ने भी बयान को महाराष्ट्र और मराठी अस्मिता पर हमला बताते हुए तीखी आलोचना की।

बीजेपी अलर्ट, फडणवीस ने किया बचाव

विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान को ज्यादा तवज्जो न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अन्नामलाई को हिंदी ठीक से नहीं आती, इसलिए दूसरी भाषा में बोलते समय गलतफहमी हो सकती है। फडणवीस के मुताबिक, अन्नामलाई का आशय मुंबई के वैश्विक महत्व को बताने का था, न कि महाराष्ट्र से अलग दिखाने का।

बीजेपी विधायक आर. तमिल सेल्वन ने भी सफाई देते हुए कहा कि अन्नामलाई के बयान को राजनीतिक फायदे के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

पुराने भाषाई तनाव की याद

इस विवाद ने महाराष्ट्र में मराठी बनाम गैर-मराठी राजनीति की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। राज ठाकरे की भाषा और सामना की टिप्पणियों ने 1960 के दशक के चर्चित नारे “बजाओ पुंगी, भगाओ लुंगी” की गूंज फिर से सुनाई दी।

विवाद जारी, सियासत गरम

जहां एक ओर बीजेपी इसे गैर-जरूरी विवाद बताकर शांत करना चाहती है, वहीं ठाकरे खेमे ने इसे मराठी स्वाभिमान से जोड़ दिया है। मतदान से कुछ दिन पहले उठा यह मुद्दा बीएमसी चुनाव में बड़ा राजनीतिक हथियार बनता नजर आ रहा है।