22 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: डायबिटीज यानी हाई ब्लड शुगर आज एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं और बच्चों को भी प्रभावित कर रही है।
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार भारत इस समय डायबिटीज महामारी की ओर बढ़ रहा है। देश में 10 करोड़ से अधिक लोग टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित हैं और अनुमान है कि वर्ष 2050 तक यह संख्या 15 करोड़ के पार पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डायबिटीज की पहचान शुरुआती दौर में हो जाए, तो इसके गंभीर दुष्प्रभावों—जैसे आंखों, किडनी, दिल और नसों को होने वाले नुकसान—से बचा जा सकता है। इसी उद्देश्य से डॉक्टरों ने ‘4-T फॉर्मूला’ बताया है, जिसकी मदद से आप घर बैठे ही शुगर के शुरुआती संकेत पहचान सकते हैं।
क्या है 4-T फॉर्मूला?
4-T फॉर्मूला डायबिटीज के चार आम और शुरुआती लक्षणों पर आधारित है। ये संकेत शरीर खुद देता है, लेकिन अक्सर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
T – Toilet (बार-बार पेशाब आना)
जब ब्लड शुगर बढ़ता है, तो किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने के लिए ज्यादा पेशाब बनाती है। इसका नतीजा होता है बार-बार पेशाब आना।
T – Thirst (अत्यधिक प्यास लगना)
पेशाब के साथ शरीर से ज्यादा पानी निकलने के कारण डिहाइड्रेशन होने लगता है, जिससे बार-बार प्यास लगती है।
T – Tiredness (लगातार थकान महसूस होना)
डायबिटीज में ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती और व्यक्ति हर समय थका-थका महसूस करता है।
T – Thinning (तेजी से वजन कम होना)
जब कोशिकाओं को ग्लूकोज नहीं मिलता, तो शरीर ऊर्जा के लिए फैट और मांसपेशियों को तोड़ने लगता है। इससे बिना कोशिश किए वजन घटने लगता है।
कब हो जाएं सतर्क?
अगर आपको इन चार में से दो या तीन लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें। यह डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर HbA1c या ब्लड शुगर टेस्ट कराना जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह
नियमित हेल्थ चेक-अप कराएं
संतुलित आहार लें और शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं
वजन और तनाव को नियंत्रित रखें
किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जानकारी पर आधारित है। किसी भी उपचार से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।













