इसराना के राजकीय महाविद्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले की 134वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने नाटक के माध्यम से दोनों महापुरुषों के जीवन को प्रस्तुत किया।
।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. हरिओम ने कहा कि महात्मा फुले और डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के माध्यम से समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए। उन्होंने छात्रों से इन महापुरुषों के विचारों पर चलने का आह्वान किया। प्राचार्य ने डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार बताया।

कॉलेज प्राचार्य डॉ. हरिओम ने छात्रों को संबोधित किया।
अंबेडकर की प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया मानती है- प्राचार्य डॉ. हरिओम
कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना और राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया मानती है। आज विश्व के कई देशों में उनकी जयंती धूमधाम से मनाई जाती है।
समारोह में महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन महापुरुषों से प्रेरणा लें। इन क्रांतिकारियों ने न केवल अंग्रेजों से लड़कर देश को आजादी दिलाई, बल्कि एक मजबूत संविधान भी दिया।












