पहाड़ से लेकर मैदान तक अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, नदियां दिखा सकती हैं रौद्र रूप

28 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर

National Desk: मौसम विभाग ने 28 जुलाई को पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। वहीं, 29 से 31 जुलाई के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुंबई में भी रविवार को भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव देखा गया। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, जबकि केरल में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण कई नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे पेड़ उखड़ गए, घरों को नुकसान पहुंचा और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिलों में 29 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। मुंबई के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जहां हाल ही में 6.80 मिमी से लेकर 11.53 मिमी तक बारिश हुई है।

उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया है और पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा 10 जिलों में येलो अलर्ट और 23 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। उत्तराखंड के देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है।

मध्य प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है और नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां बारिश का कारण दो मानसून ट्रफ, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन हैं, जिनका प्रभाव अगले चार दिन तक जारी रहेगा। राजस्थान के उत्तर-मध्य हिस्सों में भी कम दबाव के कारण व्यापक बारिश हुई है, जिसमें कुशलगढ़ में सबसे अधिक 136 मिमी बारिश दर्ज की गई। पाली के सादड़ी इलाके में भारी बारिश से सड़कों पर जलभराव हुआ।

ओडिशा के बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है। केरल के वायनाड जिले में बाणासुर सागर बांध के गेट खोल दिए गए हैं, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पत्तनमथिट्टा जिले में मूझियार जलाशय के सभी द्वार खोल दिए गए हैं क्योंकि जलस्तर रेड अलर्ट के ऊपर पहुंच चुका है। तेज हवाओं के कारण 30 जुलाई तक केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तटों पर मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पांगी घाटी में कढू नाला के अस्थायी पुल के टूटने से तीन लोग पानी में बह गए। दो लोग किनारे पहुंच गए, लेकिन एक महिला अभी भी लापता है। पुलिस द्वारा खोज अभियान जारी है।