05 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: होली के अवसर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भाजपा और केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने पैतृक गांव Saifai में पार्टी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ होली खेली और आगामी चुनावों में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को एकजुट होकर सरकार बनाने का आह्वान किया।
फूलों की होली के दौरान अखिलेश यादव ने कई मुद्दों पर भाजपा को घेरा। उन्होंने शंकराचार्य के कथित अपमान के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी है जो उत्पीड़न, अपमान या अन्याय का शिकार होता है। उन्होंने कहा कि पीडीए का नारा समाज के हर वर्ग के लिए न्याय और सम्मान की बात करता है।
सपा प्रमुख ने कहा कि हमारे पूज्य शंकराचार्य को दुख पहुंचाया गया और उनका अपमान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले को सुलझाने के बजाय अहंकारपूर्ण रवैया अपनाया और षड्यंत्रकारी तरीके से केस दर्ज किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग खुद को सनातन धर्म का सबसे बड़ा अनुयायी बताते हैं, वे अब बेनकाब हो चुके हैं।
इसी दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर भी कटाक्ष किया। अखिलेश ने कहा कि केवल खास तरह के कपड़े पहन लेने से कोई योगी नहीं बन जाता। गीता के अनुसार सच्चा योगी वही है जो दूसरों के दर्द को अपने दर्द की तरह महसूस करे।
अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में हर जानकारी तुरंत लोगों तक पहुंच जाती है, लेकिन इसके बावजूद सरकार लगातार झूठे दावे कर रही है। मुख्यमंत्री की हालिया जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही बड़े-बड़े निवेश के दावे कर चुकी है और अब फिर से एक लाख करोड़ रुपये के नए समझौता ज्ञापनों की बात की जा रही है।
उन्होंने कहा कि महंगाई खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है और जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो समाज, क्षेत्र और राज्य सभी का विकास होता है।
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने भाजपा पर भारत की विदेश नीति को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कृषि और व्यापार से जुड़े कई फैसलों को विदेशी समझौतों से इस तरह जोड़ा जा रहा है, जिससे देश के घरेलू उत्पादकों और किसानों को नुकसान हो सकता है।













