बारामती, 28 जनवरी 2026 Fact Recorder
National Desk: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में हुए एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। लियरजेट-45 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की राजनीति को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासन और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
देशभर में शोक, पीएम और गृह मंत्री ने ली जानकारी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर पूरी जानकारी ली। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि बारामती में हुए इस दुखद विमान हादसे से वह अत्यंत व्यथित हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “अजित पवार जी लोगों के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र की सेवा में उनकी मेहनत, प्रशासनिक समझ और गरीब-वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून हमेशा याद रखा जाएगा। उनका अचानक जाना बेहद दुखद और चौंकाने वाला है। ओम शांति।”
राजनीतिक जगत की भावुक प्रतिक्रियाएं
अजित पवार के निधन पर देश के तमाम राजनीतिक दलों और नेताओं ने शोक जताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सी. आर. पाटिल, एच. डी. कुमारस्वामी सहित कई नेताओं ने इसे महाराष्ट्र और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
कई नेताओं ने अजित पवार को एक कर्मठ, जमीनी और दूरदर्शी नेता बताते हुए उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना प्रकट की।
कैसे हुआ हादसा
पीटीआई के मुताबिक, लियरजेट-45 (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) विमान, जिसे निजी ऑपरेटर वीएसआर संचालित कर रहा था, बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। विमान रनवे से आगे निकलकर टूट गया। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका।
विमान में सवार लोग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें—
उपमुख्यमंत्री अजित पवार
दो अन्य अधिकारी
एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO)
एक अटेंडेंट
पायलट और फर्स्ट ऑफिसर शामिल थे
जांच के आदेश, राजनीति में उथल-पुथल
DGCA ने दुर्घटना की तकनीकी और अन्य पहलुओं से जांच के आदेश दे दिए हैं। उधर, अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। राज्य और केंद्र स्तर पर राजनीतिक व प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
बारामती के लिए बड़ा आघात
अजित पवार का बारामती से दशकों पुराना राजनीतिक और भावनात्मक रिश्ता रहा है। उनके निधन को बारामती ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक गहरे आघात के रूप में देखा जा रहा है।











