17 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: नई दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित India-AI Impact Summit 2026 ने साफ कर दिया है कि भारत अब तकनीक का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नवाचार का केंद्र बनता जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ कोड और एल्गोरिद्म तक सीमित नहीं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव लाने का जरिया बन रहा है।
रेलवे में साफ-सफाई की समस्या से जूझते यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Indian Railways ने 100 ट्रेनों में AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम की शुरुआत की है। अब सफाई कर्मचारियों को ड्यूटी शुरू करते ही ऐप पर अपनी फोटो अपलोड करनी होगी और टॉयलेट की ‘पहले’ और ‘बाद’ की तस्वीरें साझा करनी होंगी। यानी बिना सबूत के काम पूरा नहीं माना जाएगा। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
खेती-किसानी में भी AI बड़ा बदलाव लाने जा रहा है। ‘साथी’ नाम का AI टूल मिट्टी के सैंपल और जमीन के डेटा का विश्लेषण कर किसानों को बताएगा कि किस फसल से ज्यादा फायदा हो सकता है। इतना ही नहीं, ऐप के जरिए किसान सीधे अच्छी गुणवत्ता के बीज और खाद खरीद सकेंगे। भविष्य में इसमें स्मार्ट बूट्स जैसी तकनीक भी जोड़ी जाएगी, जो मिट्टी से होने वाले संक्रमण से सुरक्षा दे सकेगी। इससे खेती को घाटे से निकालकर मुनाफे की दिशा में ले जाने की उम्मीद है।
उद्योग जगत में टाटा समूह का ‘पुचू’ रोबोट सुरक्षा का नया प्रहरी बनेगा। यह AI डिवाइस खतरनाक फैक्ट्री इलाकों में जाकर गैस लीक, आग या धुएं जैसी आशंकाओं का पता लगाएगा और तुरंत अलर्ट भेजेगा। जहां इंसान की पहुंच जोखिम भरी हो सकती है, वहां यह 24 घंटे निगरानी करेगा।
भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत को दुनिया भी मान रही है। OpenAI के CEO Sam Altman ने भारत को अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा यूजर बेस बताया है और माना है कि AI की वैश्विक दौड़ में भारत लीडर बनने की क्षमता रखता है। 2025 में दिल्ली में ऑफिस खोलने के बाद कंपनी अब विस्तार की तैयारी में है।
स्पष्ट है कि AI अब सिर्फ भविष्य की कल्पना नहीं, बल्कि वर्तमान का शक्तिशाली औजार बन चुका है—जो ट्रेन से लेकर खेत और कारखाने तक भारत को नई रफ्तार देने जा रहा है।













