AI Impact Summit: ट्रैफिक से छुटकारा! अब सड़क नहीं, हवा से पहुंचेगा दफ्तर—दिल्ली में दिखी इलेक्ट्रिक हवाई टैक्सी

19 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  दिल्ली-एनसीआर में रोज़ के ट्रैफिक जाम से जूझने वालों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद सामने आई है। भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में एक ऐसी इलेक्ट्रिक हवाई टैक्सी का मॉडल प्रदर्शित किया गया, जिसने लोगों को भविष्य की झलक दिखा दी। यह छोटी, हल्की और पूरी तरह बिजली से चलने वाली उड़न टैक्सी शहरों में सफर का तरीका बदल सकती है।
समिट के हॉल नंबर चार में प्रदर्शित इस हवाई टैक्सी को खास तौर पर शहरी यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह सड़क के जाम को काफी हद तक कम करने में मददगार होगी। स्टॉल पर मौजूद ब्रांड और डिजाइन एसोसिएट अनुष्का यादव के मुताबिक, यह तकनीक न सिर्फ दफ्तर जाने वालों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि ट्रैफिक में फंसी एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
हवाई टैक्सी की खूबियां
यह उड़न टैक्सी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग में सक्षम है, यानी यह सीधे ऊपर उड़ान भर सकती है और नीचे उतर सकती है। इसे उतरने और उड़ने के लिए केवल 8×10 मीटर जगह की जरूरत होती है। एक बार चार्ज करने पर यह लगभग 110 किलोमीटर तक उड़ान भर सकती है और इसकी अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें एक पायलट के साथ दो यात्री बैठ सकते हैं या फिर यह 200 किलोग्राम तक भार ले जा सकती है।
पर्यावरण और समय—दोनों की बचत
इस हवाई टैक्सी से किसी तरह का धुआं या प्रदूषण नहीं होता। तेज रफ्तार और कम जगह में संचालन की क्षमता इसे शहरी परिवहन के लिए खास बनाती है। कंपनी का मानना है कि इसके इस्तेमाल से न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा, बल्कि वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
किसने तैयार की यह उड़न टैक्सी?
इस परियोजना को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास से जुड़ी एक कंपनी ने विकसित किया है। कंपनी के पास इस तकनीक से जुड़े कई पेटेंट हैं और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से आवश्यक स्वीकृतियां भी मिल चुकी हैं। फिलहाल इसके परीक्षण और अंतिम प्रमाणन की प्रक्रिया जारी है।
कंपनी का कहना है कि शुरुआत में इसे प्रशिक्षित पायलट ही उड़ाएंगे, लेकिन भविष्य में नियमों की अनुमति मिलने पर इसे बिना पायलट के संचालित करने की भी योजना है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चला, तो आने वाले वर्षों में महानगरों के आसमान में उड़ती टैक्सियां आम नज़ारा बन सकती हैं।