माया जंगल संरक्षण के लिए तीन देशों में समझौता, वर्षा वन को कहा जाता है ‘दुनिया के फेफड़े’

Mayan Forest: माया जंगल की रक्षा के लिए तीन देशों में समझौता, दुनिया के फेफड़े माने जाते हैं वर्षा वन

16 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk: मेक्सिको, ग्वाटेमाला और बेलीज़ ने माया जंगल की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक समझौता किया                                                                                                                          माया वन, जिसे दुनिया के फेफड़ों के रूप में जाना जाता है, अब तीन देशों की संयुक्त पहल से सुरक्षित होगा। शुक्रवार को मेक्सिको, ग्वाटेमाला और बेलीज़ के नेताओं ने मिलकर माया वर्षावनों की रक्षा के लिए एक त्रि-राष्ट्रीय प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्र बनाने की घोषणा की। यह आरक्षित क्षेत्र 1.40 करोड़ एकड़ से अधिक फैला होगा और अमेजन के बाद लैटिन अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा संरक्षित वन क्षेत्र बनेगा।

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि माया वन न सिर्फ हजारों दुर्लभ प्रजातियों का घर है, बल्कि अमूल्य सांस्कृतिक विरासत भी समेटे हुए है। ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति बर्नार्डो एरेवालो और बेलीज़ के प्रधानमंत्री जॉनी ब्रिसेनो ने भी इस पहल पर सहमति जताई।

रेल लाइन प्रोजेक्ट पर विवाद
समझौते के साथ-साथ बैठक में माया ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। दक्षिणी मेक्सिको से ग्वाटेमाला और बेलीज़ तक बनने वाली यह रेल लाइन लगभग 1,000 मील लंबी होगी और इसका उद्देश्य युकाटन प्रायद्वीप के पर्यटन स्थलों को ग्रामीण और माया पुरातात्विक स्थलों से जोड़ना है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा विवाद है, क्योंकि पिछले चार वर्षों में इसके लिए लगभग 70 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं।

पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे माया वन का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है। ग्वाटेमाला सरकार ने साफ किया है कि वे संरक्षित क्षेत्रों में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं देंगे। वहीं, मेक्सिको की सरकार इसके समर्थन में है, लेकिन अब तीनों देश ऐसा रास्ता खोज रहे हैं जिससे ट्रेन प्रोजेक्ट से वनों को कम से कम नुकसान पहुंचे।

यह समझौता न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए माया वन को सुरक्षित रखने की वैश्विक जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है।