02 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव अब खुली जंग का रूप लेता दिख रहा है। सोमवार को अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के अहम सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और दो सैन्य ड्रोन गिराए जाने का दावा किया गया है।
अफगानिस्तान की ओर से कहा गया है कि रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया गया। इसके अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी स्थित ख्वाजाई कैंप पर भी बमबारी की गई। तालिबान प्रशासन का कहना है कि कई अन्य सैन्य कमांड सेंटरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई पाकिस्तान की हालिया हवाई घुसपैठ का जवाब है। पाकिस्तान ने पिछले दिनों काबुल और बगराम एयरबेस पर हमले किए थे। अफगान पक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने दोबारा हवाई सीमा का उल्लंघन किया तो और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान करते हुए काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की। इसके कुछ ही घंटों बाद अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान वायुसेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने रातभर चले ऑपरेशन में 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 203 मंसूरी, 201 सिलाब और 205 अल-बद्र कॉर्प्स ने इन अभियानों को अंजाम दिया। बयान में कहा गया है कि 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 10 घायल हुए और चार सैन्य चौकियां ध्वस्त कर दी गईं। साथ ही दो पाकिस्तानी सैन्य ड्रोन भी मार गिराए गए।
डिप्टी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नसरत के अनुसार, नंगरहार, पक्तिया, खोस्त और कंधार प्रांतों में दुश्मन के खिलाफ लेजर हथियारों और आधुनिक सैन्य तकनीक का इस्तेमाल किया गया। ताजा घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव बना हुआ है और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।













