आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदला, अब कहलाएगा श्री गुरु रविदास एयरपोर्ट; पंजाब में बोले पीएम मोदी—रविदास जी के आशीर्वाद से साकार होगा विकसित भारत का सपना

02 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब दौरे के दौरान संत भगत रविदास जी के 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर बड़ा ऐलान किया। जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां के मुख्यालय में डेरा प्रमुख संत निरंजन दास के साथ माथा टेकने के बाद पीएम मोदी ने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट रखने की घोषणा की।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें पंजाब की पवित्र धरती पर आने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने संत रविदास जयंती और माघ पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि काशी से उनका विशेष जुड़ाव रहा है और वहीं संत रविदास जी की शिक्षाओं से उन्हें गहरी प्रेरणा मिली। संत रविदास ने समाज को सेवा, समानता और समान अवसरों का मार्ग दिखाया, जो आज भी देश के लिए मार्गदर्शक है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि आदमपुर एयरपोर्ट का नाम पहले गुरु रविदास जी के नाम पर रखा गया था और अब इसे औपचारिक रूप से श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट के रूप में जाना जाएगा। इसके साथ ही हलवारा एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग के उद्घाटन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास पंजाब और देश के विकास को नई गति देंगे।

पीएम मोदी ने संत निरंजन दास और अन्य संतों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि डेरा सचखंड बल्लां में उनके जन्मदिन पर आयोजित प्रार्थना समारोह उनके जीवन के सबसे विशेष पलों में से एक रहा है। संत रविदास जी की शिक्षाओं से उन्हें लगातार नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने केंद्रीय बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज पेश किया गया बजट गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने वाला है। यह बजट गांवों को मजबूत करेगा, किसानों की आय बढ़ाएगा और आत्मनिर्भर भारत व ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाएगा। साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की कई दवाइयों को सस्ता कर आम लोगों को बड़ी राहत दी गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसे दुनिया ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रही है। इस समझौते से 27 यूरोपीय देशों के साथ भारत का व्यापार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के कुशल युवाओं और यहां के टेक्सटाइल सेक्टर को इससे बड़ा लाभ मिलेगा। जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों के उद्योगों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।