खाड़ी की राजनीतिक तस्वीर बदलने की दिशा में कदम: एक और मुस्लिम देश ने इजराइल के साथ संबंध स्थापित किए

खाड़ी की राजनीतिक तस्वीर बदलने की दिशा में कदम: एक और मुस्लिम देश ने इजराइल के साथ संबंध स्थापित किए

07 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk: खाड़ी में नए समीकरण: कजाकिस्तान अब्राहम समझौते में शामिल, इजराइल के साथ संबंध और मजबूत होंगे
कजाकिस्तान अब्राहम समझौते (Abraham Accords) में शामिल हो गया है, जो इजराइल और मुस्लिम बहुल देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने वाला अंतरराष्ट्रीय समझौता है। हालांकि, कजाकिस्तान और इजराइल के बीच 1992 से ही राजनयिक संबंध हैं, यह कदम प्रतीकात्मक रूप से व्यापार, रक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में माना जा रहा है।

कजाकिस्तान का कदम
गुरुवार को इस शामिल होने की घोषणा की गई। कजाकिस्तान भौगोलिक रूप से बाकी अब्राहम समझौते में शामिल देशों (बहरीन, मोरक्को, सूडान, UAE) से काफी दूर है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाएगा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत देगा।

ट्रंप ने बताया बड़ी उपलब्धि
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को अपनी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कजाकिस्तान का अब्राहम समझौते में शामिल होना दुनिया भर में सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ट्रंप ने आगे कहा कि अब्राहम समझौतों के जरिए अधिक से अधिक देश शांति और समृद्धि अपनाने के लिए तैयार हो रहे हैं।

सहयोग के क्षेत्र
इजराइल और कजाकिस्तान के बीच व्यापार, रक्षा, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा और खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावना है। ये क्षेत्र पहले से ही 1990 के दशक से द्विपक्षीय समझौतों के तहत सहयोग में रहे हैं।

अब्राहम समझौते क्या हैं?
अब्राहम समझौते 2020 में शुरू हुए थे, जिसमें इजराइल और अरब देशों (UAE, बहरीन, मोरक्को) ने राजनयिक संबंध स्थापित किए। इसके बाद अन्य मुस्लिम देशों में भी इजराइल के साथ औपचारिक और व्यापारिक संबंध आसान हुए। समझौते के तहत नागरिकों को यात्रा की अनुमति मिली, व्यापार और सुरक्षा सहयोग बढ़ा और कई देशों में इजराइल से संपर्क करना आसान हुआ।
इस कदम के साथ कजाकिस्तान अब्राहम समझौते में शामिल होने वाला नया मुस्लिम देश बन गया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र और मध्य एशिया में राजनीतिक और आर्थिक समीकरण बदलने की संभावना है।