24 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ में प्रस्तावित मेयर चुनाव से पहले राजनीति ने बड़ा मोड़ ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) की पार्षद सुमन और पूनम ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। मेयर हरप्रीत कौर बबला और वरिष्ठ नेता संजय टंडन की मौजूदगी में दोनों पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ली। इस घटनाक्रम के बाद मेयर चुनाव के गणित में निर्णायक बदलाव आ गया है।
जनवरी में होने वाले मेयर चुनाव के लिए 19 वोटों की जरूरत होती है। अब तक भाजपा के पास 16 पार्षद थे, लेकिन AAP की दो पार्षदों के शामिल होने से भाजपा का आंकड़ा 18 पर पहुंच गया है। मौजूदा सदन में भाजपा के 18, AAP के 11, कांग्रेस के 6 पार्षद और एक सांसद का वोट है। ऐसे में भाजपा को अब सिर्फ एक वोट और चाहिए, जिससे उसका मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा ने इसे पार्टी की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का असर बताया। वहीं, भाजपा में शामिल हुईं सुमन और पूनम ने कहा कि यह उनके लिए ‘घर वापसी’ जैसा है। पूनम ने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वह पहले AAP में गई थीं, जबकि सुमन ने कहा कि उनके पति पहले से भाजपा से जुड़े रहे हैं और उन्होंने संजय टंडन के साथ लंबे समय तक काम किया है।
गौरतलब है कि पिछली बार मेयर चुनाव गुप्त मतदान से हुआ था, जिसमें क्रॉस वोटिंग देखने को मिली थी। इस बार मतदान प्रत्यक्ष (हाथ उठाकर) होगा, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना नहीं रहेगी। ऐसे में बदले हुए समीकरणों के साथ चंडीगढ़ का मेयर चुनाव भाजपा के पक्ष में जाता दिख रहा है।













